जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर तीन फेज में चुनाव होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि 18 सितंबर को 24 सीटों पर, 25 सितंबर को 26 सीटों पर और 1 अक्टूबर को 40 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी. जबकि वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी.
राज्य में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद जम्मू-कश्मीर में सियासत तेज हो गई है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं चुनाव आयोग से उम्मीद करूंगा कि सभी पार्टियों के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे. ऐसा न हो कि एक को ही सभी अवसर दे दिए जाएं. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं ये चुनाव लड़ूंगा, उमर अब्दुल्ला चुनाव नहीं लड़ेंगे. जब राज्य का दर्जा मिल जाएगा तो मैं पद छोड़ दूंगा और उमर अब्दुल्ला उस सीट से चुनाव लड़ेंगे.
वहीं, गुलाम नबी आज़ाद ने चुनाव के ऐलान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 10 साल बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव हो रहे हैं. आज़ादी के बाद ये पहली दफा है कि 10 साल बाद इलेक्शन हो रहे हैं. पूरा देश, मीडिया और नेताओं से ज़्यादा जम्मू कश्मीर के मतदाता चुनाव का इंतजार कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमें पूरी आशा है कि निष्पक्ष चुनाव होंगे. इससे भी बड़ी बात ये है कि जो डर है वो खत्म होगा. सभी की सुरक्षा का इंतज़ाम किया जाएगा. लोकसभा चुनाव बहुत अच्छे से संपन्न हुए थे. 10 साल से जो लोगों को तकलीफ हुई है, वो इस चुनाव के बाद दूर हो जाएगी. एक अच्छी बात है कि पहले जो 8-9 चरणों में चुनाव होते थे, इस बार 3 चरणों मे चुनाव संपन्न होंगे.
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अब जो भी गद्दी पर बैठेगा, लोगों की मर्ज़ी का होगा. अब ये जनता पर निर्भर है कि वो काम करने वाला चुने या ना काम करने वाला. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि धर्म, जाति के नाम पर वोट देना ठीक नहीं है. इससे ऊपर उठकर वोट दें. जज़्बात से वोट न दें. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में 24 घंटे में काफी अफवाहें फ़ैल जाती हैं, इसलिए मीडिया को भी सब वेरीफाई करना चाहिए.