महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे गुरुवार को कांग्रेस में शामिल हो गए. संजय पांडे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं. इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि वे महाविकास अघाड़ी के जरिए राजनीति में उतरेंगे. संजय पांडे मुंबई की वर्सोवा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. इस सीट पर मौजूदा विधायक भाजपा से हैं. पांडे लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा.
पूर्व आईपीएस अधिकारी संजय पांडे हमेशा चर्चा में रहे हैं. संजय पांडे के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी अच्छे संबंध हैं. ठाकरे गुट के राजुल पटेल भी वर्सोवा सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, उन्होंने पिछले चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारी दाखिल कर बगावत की थी. पटेल को भी अच्छे वोट मिले थे.
वर्सोवा सीट को लेकर खींचतान
2009 में इस सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. उसके बाद 2014 और 2019 में इस सीट पर भाजपा की भारती लावेकर निर्वाचित हुईं. 2019 के चुनाव में इस सीट पर शिवसेना की राजुल पटेल ने निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए 32,000 वोट हासिल किए थे. अब वर्सोवा सीट को लेकर कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के बीच रस्साकशी की संभावना है. पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे कांग्रेस में शामिल हो गए और वर्सोवा से चुनाव लड़ना चाहते हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि महाविकास अघाड़ी में यह सीट किसे मिलती है.
2009 में कांग्रेस उम्मीदवार बलदेव खोसा ने शिवसेना उम्मीदवार यशोधर फांसे को 12,000 वोटों से हराया था. इसलिए ठाकरे फिर से वर्सोवा सीट जीतने की कोशिश कर रहे हैं. संजय पांडे के कांग्रेस में आने से उनका सिरदर्द बढ़ने की संभावना है.
एमवीए सरकार के दौरान रिटायर हुए
राज्य में महा विकास अघाड़ी सरकार के दौरान संजय पांडे मुंबई पुलिस कमिश्नर थे. वे एमवीए सरकार के दौरान रिटायर हुए. लेकिन इसी बीच, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे को 19 जुलाई, 2022 को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने अपनी निजी फर्म के माध्यम से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कर्मचारियों के फोन अवैध रूप से टैप करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
उन्हें पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और अन्य के खिलाफ जुलाई में दर्ज की गई एफआईआर में भी आरोपी बनाया गया है, जिसमें उन पर भाजपा नेता गिरीश महाजन को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश करने का आरोप है, जब वे मुंबई के पुलिस कमिश्नर बनने से पहले महाराष्ट्र के डीजीपी थे.