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बीजेपी, कांग्रेस और AAP के लिए हरियाणा का संदेश क्या? झारखंड के रण में कौन हावी, समझिए 4 चुनावी राज्यों का गणित

हरियाणा और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है. झारखंड और महाराष्ट्र में भी जल्द ही चुनाव होने हैं. चुनावी राज्यों की जनता का मिजाज क्या है?

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Eknath Shinde, Nayab Saini, Hemant Soren
Eknath Shinde, Nayab Saini, Hemant Soren

हालिया लोकसभा चुनाव के बाद अब राज्यों के चुनाव होने हैं. हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. झारखंड और महाराष्ट्र में भी दो राज्यों के इन चुनावों के बाद अगले पांच साल के लिए अपनी सरकार चुनने को जनता वोट करेगी. केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में भी अगले साल फरवरी महीने में चुनाव होने हैं जो अधिक दूर नहीं है. चुनावी राज्यों का मिजाज भांपने के लिए इंडिया टुडे और सी वोटर ने सर्वे किया. इस सर्वे के मुताबिक चुनावी राज्यों की जनता का राजनीतिक दलों के लिए संदेश क्या है?

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क्या है हरियाणा का मिजाज

हरियाणा में सरकार का काम हो या मुख्यमंत्री का या विधायकों-सांसदों का प्रदर्शन हो, नाराजगी दिखाई दे रही है. मूड ऑफ द नेशन सर्वे में एक बड़ा हिस्सा कुछ हद तक संतुष्ट कहने वालों का भी है और नतीजे निर्धारित करने में इनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है.

सरकार का कामः मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक हरियाणा के 27 फीसदी लोगों ने सरकार के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया है. 25 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं और 44 फीसदी लोगों ने असंतोष व्यक्त किया है.

मुख्यमंत्री का कामः मुख्यमंत्री नायब सैनी के काम से संतुष्ट लोगों की संख्या 22  फीसदी, कुछ हद तक संतुष्ट 19 फीसदी और असंतुष्ट लोगों की संख्या 40 फीसदी है.

विपक्ष की भूमिकाः विपक्ष की भूमिका पर 31 फीसदी लोगों ने संतोष व्यक्त किया और 22 फीसदी की राय कुछ हद तक संतुष्ट की रही. 34 फीसदी लोगों ने कहा कि वे असंतुष्ट हैं.

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सांसदों का प्रदर्शनः सांसदों के प्रदर्शन को लेकर सवाल के जवाब में 29 फीसदी लोगों ने संतुष्ट, 21 फीसदी लोगों ने कुछ हद तक संतुष्ट और 38 फीसदी लोगों ने असंतुष्ट कहा. हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर बीजेपी के सांसद थे. इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों को ही पांच-पांच सीटों पर जीत मिली थी. ये नतीजे भी बीजेपी सांसदों को लेकर लोगों की नाराजगी बताते हैं. अब कांग्रेस के भी पांच सांसद हैं. ऐसे में उन्हें लेकर जनता की क्या राय है, ये देखना दिलचस्प रहेगा.

विधायकों का कामः विधायकों के काम को लेकर सवाल पर 33 फीसदी लोगों ने संतुष्ट, 20 फीसदी लोगों ने कुछ हद तक संतुष्ट और 40 फीसदी लोगों ने असंतुष्ट कहा. विधानसभा में बीजेपी के 41 विधायक हैं तो वहीं कांग्रेस के भी 31 विधायक हैं. जेजेपी के भी 10 विधायक रहे हैं. ऐसे में नाराजगी वाली संख्या किसके विधायकों को लेकर ज्यादा है, ये देखने वाली बात होगी. 20 फीसदी कुछ हद संतुष्ट लोगों के रुख पर भी नतीजे निर्भर करेंगे.

बेरोजगारी-महंगाई बड़ा मुद्दाः हरियाणा में 45 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया है. 14 फीसदी लोगों ने महंगाई, 13 फीसदी ने विकास और तीन फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बताया है. बेरोजगारी और महंगाई अगर जनता की नजर में बड़े मुद्दे हैं तो ये सत्ताधारी दल के लिए अच्छे संकेत नहीं कहे जा सकते. लोकसभा चुनाव में भी ये सबसे बड़ा मुद्दा था और बीजेपी को पांच सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. हर मोर्चे पर नाराजगी और इसके बाद ये मुद्दे, हरियाणा चुनाव में बीजेपी की राह मुश्किल हो सकती है.

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पीएम के लिए मोदी पहली पसंदः हरियाणा के 51 फीसदी लोगों ने पीएम के लिए नरेंद्र मोदी और 41 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को अपनी पसंद बताया है.

हरियाणा का संदेश क्या

मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक हरियाणा के मतदाता सरकार और मुख्यमंत्री के कामकाज  सांसदों और विधायकों के प्रदर्शन से नाराज दिखाई दे रहे हैं. लोग विपक्ष के प्रदर्शन से भी संतुष्ट नहीं है और ऐसे में आम आदमी पार्टी के लिए भी मौका बन सकता है. संजय कुमार ने इसे लेकर कहा कि ये आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है. सारे मुद्दों पर जनता नाराज दिखाई दे रही है. आशुतोष ने कहा कि 2019 में 10 की 10 लोकसभा सीटें बीजेपी जीती थी. तब विधानसभा चुनाव में बीजेपी की 40 सीटें ही आईं. आज जब सिर्फ पांच लोकसभा सीटें ही आई हैं, लैंडस्लाइड भी हो सकता है. हरियाणा में बीजेपी ने खट्टर को तो हटाया लेकिन जिनको बनाया, उनकी अपनी कोई पहचान नहीं है. 

जम्मू कश्मीर की राय क्या

बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दाः जम्मू कश्मीर के 47 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया. 17 फीसदी लोगों ने महंगाई, 11 फीसदी ने विकास और कानून व्यवस्था को दो फीसदी लोगों ने बड़ा मुद्दा बताया है.

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पीएम के लिए मोदी पहली पसंदः जम्मू कश्मीर के 40 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बताया है. 38 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को पीएम के लिए अपनी पसंद बताया है. 

जम्मू कश्मीर की जनता का संदेश क्या

संजय कुमार ने कहा कि बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है और इसकी जब बात होती है तो युवा और तमाम लोग जुड़ जाते हैं. बीजेपी को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. आशुतोष ने कहा कि अगर 47 फीसदी लोग कह रहे हैं कि बेरोजगारी मुद्दा है तो ये सर्वाइवल का सवाल है. बीजेपी ने 2014 के चुनाव में जम्मू रीजन से 25 सीटें जीती थीं. अब सवाल ये है कि बीजेपी ये सीटें बचा पाएगगी या नहीं.

महाराष्ट्र का मिजाज क्या

सरकार का कामः सरकार के काम को लेकर 25 फीसदी लोगों ने संतोष व्यक्त किया. 34 फीसदी ने कुछ हद तक संतुष्ट और 34 फीसदी लोगों ने ही असंतुष्ट कहा है.

मुख्यमंत्री का प्रदर्शनः मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काम से 35 फीसदी लोग संतुष्ट हैं. 31 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट और 28 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं. सीएम शिंदे के काम से बड़ा तबका संतुष्ट नजर आ रहा है. लोग सीएम शिंदे पर भरोसा कर रहे हैं. एक बड़ा चंक स्विंग वोटर्स का भी है जो किसी भी तरफ जा सकता है. कुछ हद तक संतुष्ट लोग जिस तरफ जाएं, पलड़ा भारी हो जाएगा.

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विपक्ष की भूमिकाः विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल पर 11 फीसदी लोगों ने संतुष्ट, 21 फीसदी ने कुछ हद तक संतुष्ट और 30 फीसदी लोगों ने असंतुष्ट कहा है. एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिनका जवाब कुछ कह नहीं सकते में रहा.

यह भी पढ़ें: Mood of the Nation Survey: आज चुनाव हुए तो बढ़ जाएंगी कांग्रेस की सीटें, जानें- कहां पहुंचेगा बीजेपी का ग्राफ

सांसदों का प्रदर्शनः महाराष्ट्र के 32 फीसदी लोगों ने संतुष्ट, कुछ हद तक संतुष्ट और असंतुष्ट लोगों की संख्या 22-22 फीसदी है.

विधायकों का प्रदर्शनः महाराष्ट्र के 41 फीसदी लोगों ने विधायकों के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया है. 26 फीसदी लोगों का कहना है कि कुछ हद तक संतुष्ट हैं और 27 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं.

सबसे बड़ा मुद्दाः बेरोजगारी को 32 फीसदी लोगों ने सबसे बड़ा मुद्दा बताया है. 15-15 फीसदी लोगों ने विकास और महंगाई, 13 फीसदी ने किसानों से जुड़ी समस्याओं को बड़ा मुद्दा बताया है.

पीएम के लिए पहली पसंदः पीएम पद के लिए 56 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को पहली पसंद बताया है. राहुल गांधी को 34 फीसदी लोग पीएम देखना चाहते हैं.

महाराष्ट्र का संदेश क्या

मूड ऑफ द नेशन सर्वे के ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार के काम से नाराज लोगों की संख्या अधिक है लेकिन सीएम शिंदे के काम को लेकर नाराज लोगों की तादाद इसके मुकाबले कम है. महाराष्ट्र में सरकार को लेकर एंटी इनकम्बेंसी या गुस्सा नहीं नजर आ रहा है. 

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झारखंड की राय क्या

सरकार का कामकाजः झारखंड सरकार के काम पर 27 फीसदी लोगों ने संतोष व्यक्त किया. 37 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं और 34 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं.

सीएम का कामः 35 फीसदी लोगों ने सीएम हेमंत सोरेन के काम पर असंतोष व्यक्त किया है. 25 फीसदी लोग संतुष्ट और 30 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं. ये आंकड़े

विपक्ष की भूमिकाः विपक्ष की भूमिका से 14 फीसदी लोग संतुष्ट हैं. 30 फीसदी लोग असंतुष्ट और 17 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं. 

यह भी पढ़ें: MOTN: आज चुनाव हुए तो किसको कितनी सीटें, क्या हैं बड़े मुद्दे... 15 ग्राफिक्स से समझें देश का मिजाज

सांसदों का कामः सांसदों के काम पर 24 फीसदी लोगों ने संतोष व्यक्त किया. 29 फीसदी लोग असंतुष्ट और 26 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं.

विधायकों का कामः 28 फीसदी संतुष्ट हैं और 35 फीसदी लोग असंतुष्ट हैं. 31 फीसदी लोग कुछ हद तक संतुष्ट हैं.

बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दाः बेरोजगारी को 44 फीसदी लोग सबसे बड़ा मुद्दा मान रहे हैं. महंगाई 15 फीसदी, विकास 14 फीसदी, भ्रष्टाचार तीन फीसदी लोग मुद्दा मान रहे हैं. 

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पीएम के लिए पहली पसंद मोदीः पीएम पद के लिए 56 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी और 35 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को पहली पसंद बताया है. 

झारखंड का संदेश क्या

मूड ऑफ नेशन के आंकड़े इस तरफ संकेत माने जा रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में हेमंत का इमोशनल कार्ड फेल हो सकता है. सांसदों और विधायकों को लेकर नाराजगी भी खुलकर दिख रही है. बीजेपी को लेकर भी लोगों में उतना उत्साह नहीं नजर आ रही है. संजय कु्मार ने कहा कि आंकड़े यही बता रहे हैं कि जिसकी भी सरकार हो, काम नहीं किया तो जनता कठघरे में खड़ा कर रही है. आशुतोष ने कहा कि बीजेपी को एज मिलता दिख रहा है. गिरफ्तारी का इमोशनल कार्ड उतना चलता नहीं दिख रहा है. अब ये देखने वाली बात है कि कैम्पेन कैसे पिक करते हैं.

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