जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के रुझानों ने इस बार सभी को चौंका दिया है. शाम 4 बजे तक के परिणामों को देखें तो नेशनल कांफ्रेंस (NC) और कांग्रेस का गठबंधन 48 सीटों पर आगे चल रहा है. यानी दोनों दल मिलकर बहुमत के साथ सरकार बनाते दिख रहे हैं.
बीजेपी फिलहाल 29 सीटों पर आगे है, तो वहीं 7 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. इस चुनाव में सबसे बुरा हाल महबूबा मुफ्ती के सियासी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) का है. महबूबा की पार्टी महज 3 सीटों पर आगे चल रही है. इतना ही नहीं, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती खुद श्रीगुफवाड़ा-बिजबेहरा सीट से हार गई हैं. इल्तिजा मुफ्ती को नेशनल कॉन्फ्रेंस के बशीर अहमद शाह वीरी ने 9770 वोटों से हराया है.
नतीजों से पहले जारी किया था बयान
इल्तिजा ने अंतिम नतीजा आने से पहले ही अपना बयान जारी कर दिया था. उन्होंने कहा,'मैं लोगों के फैसले को स्वीकार करती हूं. बिजबेहरा में सभी से मुझे जो प्यार और स्नेह मिला है, वह हमेशा मेरे साथ रहेगा. इस अभियान के दौरान कड़ी मेहनत करने वाले पीडीपी कार्यकर्ताओं का आभार.'
NC के बशीर अहमद जीते
चुनाव आयोग के मुताबिक श्रीगुफवाड़ा-बिजबेहरा सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के बशीर अहमद शाह वीरी को 33299 वोट मिले हैं, जबकि पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती दूसरे नंबर पर हैं, उन्हें 23529 वोट मिले हैं. बीजेपी के सोफी यूसिफ 3716 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर हैं.
बिजबेहरा मुफ्ती परिवार की पारंपरिक सीट
ये नतीजे चौंकाने वाले इसलिए हैं, क्योंकि बिजबेहरा सीट मुफ्ती परिवार की पारंपरिक पारिवारिक सीट मानी जाती है. यह इलाका अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां से महबूबा मुफ्ती 2024 का लोकसभा चुनाव हार गई थीं. लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ ने यह सीट जीती थी.
90 सीटों पर तीन चरणों में हुई थी वोटिंग
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर तीन फेज में वोटिंग हुई थी. यहां पहले चरण के तहत 18 सितंबर, दूसरे चरण में 25 सितंबर और तीसरे चरण के तहत 1 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी. तीनों फेज में मिलाकर 63.45 फीसदी वोटिंग हुई थी.