scorecardresearch
 

'आज के दौर में बिना कंसल्टेंसी के चुनाव जीतना मुश्किल', आजतक पर बोले पॉलिटिकल स्ट्रैटिजिस्ट

एक सवाल के जवाब में ऋषि राज सिंह ने कहा कि नेताओं को अच्छी तरह से पता होता है कि किसको कितना और कब सुनना है. जो शख्स राजनीति में दशकों गुजार चुका होता है. उसे बहुत कुछ नहीं बताया जा सकता. उसे खुद मुद्दों की समझ होती है. लेकिन हमारा काम है कि उसमें कुछ ऐड ऑन करना. सही फीडबैक देना.

Advertisement
X
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में पॉलिटिकल स्ट्रैटिजिस्ट ने की शिरकत (इंडिया टुडे)
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में पॉलिटिकल स्ट्रैटिजिस्ट ने की शिरकत (इंडिया टुडे)

मुंबई में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन हुआ. गुरुवार को दूसरे दिन भी इस कार्यक्रम में कई हस्तियों ने शिरकत की. 'द आर्ट एंड साइंस ऑफ विनिंग इलेक्शन' शीर्षक वाले कार्यक्रम में नरेश अरोड़ा (डिजाइन बॉक्स), रॉबिन शर्मा (शोटाइम कंसलटेंट), ऋषि राज सिंह (I-PAC) ने हिस्सा लिया.  इस दौरान तीनों ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में किसी भी राजनेता और किसी भी राजनैतिक दल के लिए बिना कंसलटेंट के चुनाव जीतना आसान नहीं है.

Advertisement

क्यों जरूरी हैं कंसल्टेंट
 
इस दौरान जब तीनों से ये पूछा गया कि आखिर आज के राजनीतिक दौर में कंसल्टेंसी क्यों इतनी जरूरी है? इसपर तीनों ने कहा कि एक बात साफ है कि आज के दौर में कोई भी राजनेता या पार्टी बिना प्रोफेशनल सलाहकार के चुनाव नहीं जीत सकती हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि हम नेताओं को निष्पक्ष होकर सही फीडबैक देते हैं. उन्हें असलियत से रूबरू कराते हैं. उन्हें असली मुद्दों के बारे में बताते हैं. जबकि नेता या पार्टी से जुड़े लोग जब सलाह देते हैं तो उसमें उनका स्वहित होता है.

 
नेताओं को पता है किसे सुनना है...

एक सवाल के जवाब में ऋषि राज सिंह ने कहा कि नेताओं को अच्छी तरह से पता होता है कि किसको कितना और कब सुनना है. जो शख्स राजनीति में दशकों गुजार चुका होता है. उसे बहुत कुछ नहीं बताया जा सकता. उसे खुद मुद्दों की समझ होती है. लेकिन हमारा काम है कि उसमें कुछ ऐड ऑन करना. सही फीडबैक देना. जवाबदेही तय करना और नए मुद्दों को और जनता की नब्ज को सही तरह से बताना. ऋषि राज ने कहा कि नेताओं को ज्यादातर चीजें पता होती है. लेकिन हम मिरर की तरह है. जैसे हर इंसान को अपना चेहरा पता होता है. लेकिन उसे शीशा देखना होता. ऐसे ही हमारा रोल है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ‘मेरा कार्यकर्ता इतना मूर्ख नहीं है कि मान लेगा’, क्यों बोले देवेंद्र फडणवीस

इस दौरान रॉबिन शर्मा ने कहा कि अगर आप ध्यान से देखें तो अमेरिका समेत कई देशों में बिना कंसल्टेंसी के चुनाव नहीं होते हैं. सभी दलों का इसमें खूब दखल होता है. यही हाल अब भारत का भी होता जा रहा है. मुद्दे क्रिएट किए जा रहे हैं. इसलिए कंसल्टेंसी का रोल काफी अहम हो गया है.

2013 से पहले भी...

ऋषि राज और नरेश अरोड़ा ने कहा कि हमें ये समझना होगा कि साल 2013 से पहले भी राजनीतिक दल कंसल्टेंसी का इस्तेमाल करती थी. लेकिन 2013 के बाद इसे इसलिए एक नई पहचान मिली क्योंकि इसमें अन्य प्रोफेशन के लोगों की एंट्री हुई. उन्होंने इसे और व्यवस्थित कर दिया. इसलिए 2013 के बाद इसे एक नया कलेवर मिला.

प्रशांत किशोर के सवाल पर क्या बोले...

प्रशांत किशोर और बिहार में उनकी सियासत से जुड़ा जब सवाल पूछा गया तो सभी ने कहा कि वो बहुत ही प्लानिंग के तहत बिहार में प्रचार कर रहे हैं. वो बहुत मेहनती इंसान है. हालांकि, रिजल्ट कैसे आएंगे ये बिहार की जनता तय करेगी लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि वो बहुत ही ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं और उनके अपने प्लान हैं.

Live TV

Advertisement
Advertisement