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बीजेपी ने नहीं दिया भाव! दिल्ली चुनाव में अकेले लड़ेगी जीतन राम मांझी की पार्टी HAM

HAM दिल्ली के चुनाव में स्वतंत्र रूप से लड़ेगी. पार्टी ने कहा है कि जल्द ही उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की जाएगी. HAM के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने कई बार बीजेपी नेतृत्व से संपर्क किया लेकिन उनकी तरफ से उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

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HAM नेता और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)
HAM नेता और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ऐलान कर दिया है कि उनकी पार्टी HAM दिल्ली विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ेगी. इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली की कुछ विधानसभा सीटें अपने सहयोगी दलों को भी दे सकती है. जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी और जीतन राम मांझी की HAM ने दिल्ली में विधानसभा सीटों की डिमांड रखी थी.

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हालांकि अब साफ हो गया है कि HAM दिल्ली के चुनाव में स्वतंत्र रूप से लड़ेगी. पार्टी ने कहा है कि जल्द ही उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की जाएगी. HAM के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने कई बार बीजेपी नेतृत्व से संपर्क किया लेकिन उनकी तरफ से उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

पिछले चुनाव में बीजेपी ने सहयोगी दलों को दी थी सीटें

पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने दो सीटें जेडीयू और एक सीट लोक जनशक्ति पार्टी को दी थी. जेडीयू ने बुराड़ी और संगम विहार सीटों पर और लोक जनशक्ति पार्टी ने सीमापुरी सीट पर चुनाव लड़ा था.

हालांकि, अगर नतीजों की बात की जाए तो, जेडीयू और एलजेपी कोई सीट नहीं जीत सकी थी. जेडीयू को 84 हजार वोट यानी 0.91 फीसदी और एलजेपी को करीब 33 हजार वोट यानी 0.35 फीसदी वोट ही मिल सके थे. 

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बीजेपी ने प्रचार के लिए सहयोगी दलों को किया आमंत्रित

दिल्ली में 25 दिसंबर को हुई एनडीए की मीटिंग में दिल्ली विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई. इस दौरान हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत के लिए बधाई भी दी गई. झारखंड का भी जिक्र हुआ, जहां एनडीए के घटक दलों ने मिल कर चुनाव लड़ा था. बीजेपी ने सहयोगी दलों के बड़े नेताओं को दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आमंत्रित किया है.

दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली वोटर्स पर नजर

अब तक खबर थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान दिल्ली में एनडीए के लिए प्रचार कर सकते हैं. लेकिन अब जीतन राम मांझी ने खुद को अलग कर लिया है. 

दरअसल दिल्ली में बड़ी तादाद में पूर्वांचली वोटर्स हैं. एनडीए इन्हें अपने पाले में लाना चाहती है. इसकी जिम्मेदारी बिहार के नेताओं पर होगी. बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड मूल के करीब 25 फीसदी मतदाता दिल्ली में रहते हैं. इनका करीब 20 सीटों पर दबदबा है. इनमें गोकलपुर, मटियाला, द्वारका, नांगलोई, करावल नगर, जनकपुरी, त्रिलोकपुरी, बुराड़ी, उत्तम नगर, संगम विहार, जनकपुरी, त्रिलोकपुरी, किराड़ी, विकासपुरी और समयपुर बादली जैसी सीटें शामिल हैं.

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