महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान अपने अंतिम दौर में है. सभी राजनीतिक दल और उनके नेता राज्य में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी अपने प्रत्याशियों के समर्थन में महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने आजतक से विशेष बातचीत की. उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के पास राजनीतिक नेतृत्व नहीं है. बार्गेनिंग पावर नहीं है, इसलिए उनका राजनीतिक सशक्तिकरण भी कम हुआ है. मुसलमानों को राजनीतिक रूप से अछूत बना दिया गया है.
महायुति को लेकर ओवैसी ने कहा, 'लोकसभा चुनाव में मुसलमानों ने बीजेपी और शिंदे सेना के खिलाफ वोट दिया था. विधानसभा में लोगों का वोटिंग पैटर्न अलग होगा.' एमवीए में जगह नहीं मिलने के सवाल पर ओवैसी ने कहा, 'इम्तियाज जलील ने एमवीए नेताओं को खत लिखा था कि हम भी चाहते हैं महायुति की सरकार को रोकना है तो हम बात कर सकते हैं. हमने अपनी ओर से कोशिश की एमवीए के साथ में जाने की. लेकिन एमवीए का कोई जवाब नहीं आया.'
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क्या महा विकास अघाड़ी को इस बात का डर है कि ओवैसी को साथ लेने से हिंदू मतदाता नाराज हो जाएंगे? इस सवाल के जवाब में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'हरियाणा चुनाव में मेरी पार्टी तो नहीं लड़ी थी. फिर वहां कैसे जीत गई बीजेपी? उन्होंने एमवीए में शामिल दलों द्वारा एआईएमआईएम को बीजेपी की बी टीम बताए जाने पर कहा, 'अगर आप मुझे गठबंधन में शामिल नहीं करना चाहेंगे, तो मैं तो एक पॉलिटिकल पार्टी हूं. यहां मेरे दो विधायक हैं. मेरे कई जगहों पर पार्षद हैं, पंचायत सदस्य हैं, तो मुझे चुनाव तो लड़ना है न. मेरी पार्टी चुनाव तो लड़ेगी.'
लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को मुस्लिमों का समर्थन प्राप्त होने के सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने कहा था कि उनके शिवसैनिकों ने बाबरी मस्जिद तोड़ी थी, तो उनसे मुसलमान क्या उम्मीद कर सकते हैं.'
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देवेंद्र फडणवीस द्वारा रजाकारों का नुमाइंदा बताए जाने पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'बीजेपी इलेक्शन में गाली तो देगी. वह गाली देने वाली पार्टी है, झूठे इल्जाम लगाती है. अभी के उपमुख्यमंत्री जो एक जमाने में मुख्यमंत्री रहे हैं, वह बौखलाहट के शिकार हैं. उन्हें नजर आने लगा है कि मुख्यमंत्री बनने के उनके ख्वाब चकनाचूर हो गए. इसीलिए इतने निचले स्तर पर उतर आए, असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं.'
दरअसल, देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव प्रचार के दौरान ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह रजाकारों के नुमाइंदे हैं. फडणवीस ने कहा था कि ओवैसी कहते हैं छत्रपति संभाजीनगर रजाकारों की भूमि है और उसका नाम औरंगाबाद ही होना चाहिए. देवेंद्र फडणवीस ने हिंदू मतदाताओं से अपील की थी कि 'वोट-जिहाद' का मुकाबला 'वोट के धर्म-युद्ध' से किया जाना चाहिए.