केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्रों की समीक्षा बैठकें की. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सभा में उत्साहित करते हुए एनडीए की महायूति गठबंधन की जीत का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में महायूति सत्ता में लौटेगी, जबकि 2029 में बीजेपी अकेले दम पर सरकार बनाएगी.
गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को यह भी आश्वासन दिया कि अगर पार्टी गठबंधन चुनाव जीतती है, तो वे महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करेंगे. उन्होंने कहा कि मुंबई का मैदान विपक्ष को सबक सिखाने वाला है और वहां पर वह विपक्षी नेतृत्व को साफ संदेश देंगे.
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कम मार्जिन वाली सीटों पर फोकस की सलाह
अमित शाह ने पार्टी की रणनीति पर बात की और बूथ स्तर पर काम करने से वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि मुंबई में 2019 के लोकसभा चुनावों में कुछ सीटें सिर्फ पांच से दस हजार वोटों के अंतर से हारी गई थीं, जिन्हें इस बार बूथ स्तर पर मेहनत करके जीता जा सकता है. उन्होंने मंडल, वार्ड और बूथ स्तर पर योजना बनाकर वोट प्रतिशत बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया.
वार्डों को समूहों में बांटा, बताई स्ट्रैटेजी
अमित शाह ने वार्डों को 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' समूहों में बांटा है और बताया कि इससे पार्टी के परंपरागत मतदाताओं पर ज्यादा फोकस किया जाएगा. इससे पहले, उन्होंने विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र की समीक्षा की थी. उन्होंने बताया कि मुंबई और कोंकण क्षेत्र की 75 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने 28 सीटें जीती थीं और पार्टी का लक्ष्य इस बार 50 प्रतिशत से अधिक सीटें जीतने का है.
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विपक्षी दलों ने अमित शाह की मीटिंग पर क्या कहा?
इस बीच विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने सहयोगियों को गुलाम बनाना चाहती है और उसे सिर्प सत्ता से मतलब है. वहीं, एनसीपी शरद पवार गुट के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि महायूति के लिए यह चुनाव मुश्किल होगा, और अमित शाह की बार-बार दौरे इस बात का संकेत हैं.