महाराष्ट्र (Maharashtra) में चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. इस बीच शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस दौरान एमवीए गठबंधन को लेकर बात की है. उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि एमवीए को एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने चाहिए. सीपीआई(एम), पीडब्ल्यूपी और एसपी जैसे अन्य सहयोगी दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
उद्धव ठाकरे ने कहा, "हमने कई बागियों से नाम वापस लेने की अपील की है. कई बागी वापस लेने के लिए तैयार भी हो गए हैं, समयसीमा खत्म होने के बाद हमें पता चलेगा कि किसने नाम वापस लिया है. जो बागी वापस नहीं लेंगे, उन पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
'दोस्ताना लड़ाई के पक्ष में नहीं...'
वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा, "हमने सभी बागियों से बात की है कि वे अपना नामांकन वापस लें. एक घंटे बाद सारी तस्वीर साफ हो जाएगी और जो हमारे निर्देश के बाद भी अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, उनके खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे. हम दोस्ताना लड़ाई के पक्ष में नहीं हैं. हम एमवीए के तौर पर एकजुट होकर लड़ेंगे."
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शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, "उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने कई बागी उम्मीदवारों से संपर्क किया और उन्हें अपना नामांकन वापस लेने को कहा. कई बागी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. उनके पास दोपहर 3 बजे तक का वक्त है. जिन बागी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
डीजीपी के ट्रांसफर पर बोले पवार
डीजीपी रश्मि शुक्ला के तबादले पर शरद पवार ने कहा कि हम चुनाव आयोग द्वारा तबादले के फैसले का स्वागत करते हैं. ऐसे अधिकारी को सत्ता का दुरुपयोग करने के लिए फंसाया गया है, जिसके खिलाफ चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है. यह बिल्कुल सही फैसला है.
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होगी वोटिंग
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को चुनाव होने हैं, जबकि सभी 288 सीटों पर मतगणना 23 नवंबर को होगी. बता दें कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं. जबकि 2014 में भाजपा ने 122 सीटें, शिवसेना ने 63 और कांग्रेस ने 42 सीटें हासिल की थीं.
इन सीटों पर बागियों ने बढ़ाई उलझन
पंढरपूर
भाजपा- समाधान आवताडे
एनसीपी (एसपी)- अनिल सावंत
कांग्रेस- भगीरथ भालके (भगीरथ दिवंगत कांग्रेस विधायक भारत भालके के बेटे हैं. भारत भालके के निधन के बाद वहां उपचुनाव हुए तब उन्होंने एनसीपी के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकीन वह हार गए. बाद में वह बीआरएस पार्टी से जुड़ गए थे. अब इलेक्शन में शरद पवार की पार्टी ने उन्हें कोई भाव नहीं दिया तो उन्हें कांग्रेस की ओर से चुनाव में उतारा गया है.)
परंडा
शिवसेना (शिंदे)- तानाजी सावंत
शिवसेना (यूबीटी)- रणजित पाटील
राष्ट्रवादी (एसपी)- राहुल मोटे (राहुल मोटे यहां के पूर्व विधायक हैं. 2019 में यहां से तानाजी सावंत चुनकर आए. वह मंत्री भी हैं. इस बार यह सीट एनसीपी को लड़ानी थी. लेकिन मौजूदा विधायक शिवसेना का होने की वजह से यूबीटी ने सीट छोड़ने से इनकार कर दिया. अब यूबीटी और शरद पवार की पार्टी दोनों के नेता चुनाव मैदान में हैं.)
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सोलापूर दक्षिण
भाजपा- सुभाष देशमुख
शिवसेना (यूबीटी)- अमर पाटील
निर्दलीय- दिलीप माने (दिलीप माने कांग्रेस के नेता हैं. उन्हें पार्टी की ओर से चुनाव लड़ना था. लेकिन आखिरी वक्त तक उन्हें एबी फॉर्म नहीं मिला, तो दिलीप माने अब निर्दलीय के तौर पर चुनाव के मैदान में हैं.)