महाराष्ट्र (Maharashtra) में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. ऐसे में हर सियासी दल अवाम को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, चुनाव प्रचार के नए-नए हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में राजनीतिक उठापटक के बीच सामने आया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना की उम्मीदवार यामिनी जाधव ने अपने इलाके में 7 सितम्बर को मुस्लिम महिलाओं को फ्री में बुर्के बांटे.
इतना ही नहीं विधानसभा क्षेत्र में इससे संबंधित बैनर-पोस्टर भी लगे दिखे और इसके विजुअल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. बुर्का बांटे जाने की बात पब्लिक होने के बाद सूबे में नई सियासी बहस छिड़ गई है और नेताओं के बयान आ रहे हैं.
'जीत के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं...'
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, "शिंदे सेना को बुर्का में चुनाव लड़ना पड़ेगा नहीं तो उनके चेहरे देखकर लोग जूते मारेंगे. मोदी बुर्का के खिलाफ जंग छेड़ते हैं और उनके गठबंधन के लोग अब बुर्का बांट रहे हैं. ये लोग ढोंगी हैं, चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं."
'हम समर्थन नहीं करते...'
सीनियर बीजेपी नेता अशीष शेलर ने कहा, "हर किसी को अपने चुनाव क्षेत्र में क्या बांटना है ये तय करने का अधिकार है लेकिन बीजेपी तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती. हम बुर्का बांटने के कार्यक्रम का समर्थन नहीं कर सकते."
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा, "उनके (बीजेपी) गठबंधन के लोग मस्जिद में घुसकर लोगों को मारने की बात करते है. कॉलेज में हिजाब पर बैन लगाने की बात करते हैं, ट्रेन में मुसलमानों को मारते हैं, दरगाह पर हमला होता हैं. ये लोग बुर्का बांटकर क्या दिखाना चाहते है. ये लोग ढोंगी हैं."