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महाराष्ट्र चुनाव से पहले 'लड़की बहन योजना' के बंद होने की खबरों के बीच आया बड़ा अपडेट

जुलाई से नवंबर तक सभी पात्र महिलाओं को 7500 रुपये मिले हैं. आचार संहिता लागू होने के बाद इस योजना में कोई नया लाभार्थी नहीं जोड़ा जा सकता है. अगर कोई भुगतान करना बाकी है तो वह केवल भारत के चुनाव आयोग (ECI) से पूर्व अनुमति लेकर ही किया जा सकता है.

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एकनाथ शिंदे- फाइल फोटो
एकनाथ शिंदे- फाइल फोटो

महाराष्ट्र चुनाव से पहले 'लड़की बहन योजना' को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. दरअसल, मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना शिंदे सरकार की मुख्य योजना है और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से यह चर्चा में है. इस योजना में 2.34 करोड़ लाभार्थी हैं, जिन्हें पांच महीने से लगातार 1500 रुपये मिल रहे हैं.

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इस साल (2024) जुलाई से नवंबर तक सभी पात्र महिलाओं को 7500 रुपये मिले हैं. आचार संहिता लागू होने के बाद इस योजना में कोई नया लाभार्थी नहीं जोड़ा जा सकता है. अगर कोई भुगतान करना बाकी है तो वह केवल भारत के चुनाव आयोग (ECI) से पूर्व अनुमति लेकर ही किया जा सकता है.

दो महीने की किस्त एक साथ मिली

दरअसल, इस योजना को लेकर महाराष्ट्र सरकार से स्पष्टता इसलिये आई है, क्योंकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इस योजना को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रोक दिया है. लेकिन तथ्य यह है कि इस योजना के लिए अंतिम किस्त 4 से 6 अक्टूबर के बीच वितरित की गई थी. राज्य सरकार ने नवंबर की किस्त अक्टूबर में ही बांट दी थी. यानी हर लाभार्थी को इस महीने 3000 रुपये मिले. अगली किस्त चुनाव के बाद दिसंबर में दी जानी है.

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एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ घमासान

इस योजना पर सवाल तब उठे जब शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पोस्ट में कहा लड़की बहन योजना को चुनाव आयोग ने रोक दिया है? खैर, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है. इसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक्स पर लाभार्थियों और वितरण के बारे में विवरण पोस्ट किया था. और कहा था कि मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना जारी रहेगी!

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