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'जो PoK से रिफ्यूजी आए...', कश्मीरी पंडितों पर बोलते वक्त फिसली राहुल गांधी की जुबान, बीजेपी ने घेरा

राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी पर विरोधियों को डराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर (आईटी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों को एक साथ जोड़ दिया.

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राहुल गांधी ने जम्मू में जनसभा को संबोधित किया
राहुल गांधी ने जम्मू में जनसभा को संबोधित किया

राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी पर विरोधियों को डराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर (आईटी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों को एक साथ जोड़ दिया. 

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे, टैक्स और जीएसटी जैसे मुद्दों पर बात की. उन्होंने जम्मू जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी पर विरोधियों को डराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर (आईटी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

इस दौरान भाषण देते हुए उनकी जुबान भी फिसल गई. उन्होंने कश्मीरी पंडितों और पीओके शरणार्थियों को एक साथ जोड़ दिया. हालांकि बाद में उन्हें अपनी गलती का ऐहसास हुआ और उसे सुधारते हुए बयान सही किया. लेकिन अब इसको लेकर बीजेपी विपक्ष के नेता और कांग्रेस को घेर रही है.

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दरअसल, राहुल ने कहा, "हम चाहते थे कि चुनाव से पहले राज्य का दर्जा बहाल हो जाए. जम्मू-कश्मीर के सभी लोग चाहते थे कि राज्य का दर्जा बहाल होने के बाद चुनाव हों. ऐसा नहीं हुआ, पहला कदम चुनाव है. लेकिन इसके बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना होगा. इसके लिए INDIA गठबंधन संसद में पीएम मोदी पर दबाव बनाएगा. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम केंद्र में INDIA अलायंस की सरकार बनते ही आपका राज्य का दर्जा बहाल कर देंगे. अगर हम चाहते हैं कि यहां का सेब अमेरिका और जापान तक पहुंचे, तो राज्य का दर्जा बहाल करना होगा."

राहुल ने दे दिया ये बयान

इस दौरान भाषण देते हुए राहुल की जुबान फिसल गई और उन्होंने कहा, "जो PoK से जो रिफ्यूजी आए, उनसे मनमोहन सिंह ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया जाएगा." हालांकि, बाद में उन्हें अपनी गलती का ऐहसास हुआ. उन्होंने तुरंत गलती को सुधारते हुए कहा, "सॉरी जो कश्मीरी पंडित आए, उनसे मनमोहन सिंह ने जो वादा किया है, उसे उन्होंने पूरा किया जाएगा."

बीजेपी ने साधा निशाना

राहुल की जुबान फिसलने के मामले को अब बीजेपी ने मुद्दा बना दिया है. बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साध रही है. बीजेपी ने एक्स हैंडल पर कहा, "विपक्ष का नेता होने के नाते वे पीओके से आए शरणार्थियों और कश्मीरी पंडितों में फर्क नहीं कर सकते. और फिर उम्मीद करते हैं कि उन्हें गंभीरता से लिया जाएगा. विपक्ष के पास निश्चित रूप से उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई और योग्य व्यक्ति हो सकता है. कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए."

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'यहां की MSMEs और एंटरप्रेन्योर की रीढ़ तोड़ दी'

राहुल गांधी ने कहा, "जम्मू यहां का सेंट्रल हब है, जो कश्मीर के बिजनेस और प्रोडक्शन को पूरे देश से जोड़ता है लेकिन बीजेपी सरकार ने इस सेंट्रल हब के रोल को खत्म कर, यहां की MSMEs और एंटरप्रेन्योर की रीढ़ तोड़ दी. जब तक जम्मू-कश्मीर के MSMEs अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक यहां रोजगार पैदा नहीं होगा. आज देश की सरकार अडानी और अंबानी जैसे अरबपतियों के लिए चलती है. GST एक हथियार है, जिससे जम्मू-कश्मीर के छोटे और मध्यम उद्दोगों पर हमला किया गया. सच्चाई यही है कि नोटबंदी और गलत GST ने हिंदुस्तान के लाखों बिजनेस खत्म कर दिए."

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