scorecardresearch
 

माहिम सीट पर राज ठाकरे के बेटे को बीजेपी का समर्थन, शिंदे की शिवसेना को झटका!

Mahim seat: माहिम निर्वाचन क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला है, क्योंकि भाजपा मनसे के अमित ठाकरे का समर्थन कर रही है, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना मौजूदा विधायक सदानंद सरवणकर को मैदान में उतार चुकी है. दोनों पार्टियां अपने रुख पर अड़ी हुई हैं.

Advertisement
X
माहिम से मनसे के उम्मीदवार अमित ठाकरे और शिव सेना के सदा सरवणकर
माहिम से मनसे के उम्मीदवार अमित ठाकरे और शिव सेना के सदा सरवणकर

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए अब सिर्फ 20 दिन बचे हैं और ऐसे में महायुति गठबंधन माहिम निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों को लेकर असमंजस में है. इस निर्वाचन क्षेत्र में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे, शिवसेना के मौजूदा विधायक सदा सरवणकर और शिवसेना (यूबीटी) के महेश सावंत के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है.

Advertisement

असमंजस की स्थिति इसलिए भी पैदा हो गई है क्योंकि भाजपा ने अमित ठाकरे को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है, जबकि उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने अपने मौजूदा विधायक को मैदान में उतारने का फैसला किया है. अब दोनों पार्टियां अपने फैसले पर अडिग हैं.

सरवणकर ने राज ठाकरे से लगाई गुहार

भाजपा को उम्मीद थी कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना विधायक सरवणकर को हटाकर अमित ठाकरे को टिकट देगी. हालांकि भाजपा नेताओं का दावा है कि इस मामले में शिंदे के साथ समझौता हो गया है, लेकिन शिवसेना नेताओं का तर्क है कि अगर वे उम्मीदवार नहीं उतारते हैं, तो उनके वोट उद्धव गुट को जा सकते हैं. नतीजतन, सरवणकर चुनाव लड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र चुनाव में असर डालेगा मराठा आरक्षण का मुद्दा? मनोज जरांगे से मिले दलित और मुस्लिम लीडर्स

Advertisement

सरवणकर ने बुधवार को राज ठाकरे से अनुरोध किया कि वह माहिम सीट से अपने बेटे की उम्मीदवारी वापस ले लें और शिवसेना का समर्थन करें. विधायक ने ट्वीट कर शिवसेना के वफादार के रूप में अपने 40 साल के कार्यकाल और कड़ी मेहनत के दम पर तीन बार विधायक चुने जाने को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि अगर दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे जीवित होते तो वह अपने रिश्तेदारों के लिए सीट छोड़ने के लिए उनसे नहीं कहते.

सरवणकर ने कहा, "उनके (बाल ठाकरे के) 50 रिश्तेदार दादर-माहिम में रहते हैं, लेकिन उन्होंने मेरे जैसे एक आम कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया. वह एक ऐसे नेता थे जो कार्यकर्ताओं की भावना को संजोते थे. एकनाथ शिंदे साहब को देखिए, भले ही उनका बेटा तीन बार सांसद रहा, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को केंद्र में मंत्री नहीं बनाया, बल्कि एक वफादार शिवसैनिक को यह मौका दिया."

उन्होंने कहा, "मैं राज साहब से अनुरोध करता हूं कि मेरे जैसे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय न करें. मुझे अपना समर्थन दें." विधायक का यह बयान उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस के इस बयान के बाद आया है कि भाजपा माहिम में राज ठाकरे के बेटे को समर्थन देने पर अडिग है.

फडणवीस का अमित ठाकरे को समर्थन का ऐलान

Advertisement

फडणवीस ने कहा, "हम अमित ठाकरे का समर्थन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का भी यही विचार है. लेकिन अगर शिवसेना का उम्मीदवार नहीं होगा तो उनके वोट शिवसेना (यूबीटी) को जाएंगे, इसलिए उम्मीदवार दिया गया है." उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति का समाधान निकालने के प्रयास किए जाएंगे.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र चुनाव: MVA और महायुति में कई नेताओं ने किया दलबदल, यहां देखिए पूरी लिस्ट

उनके अनुसार, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने तर्क दिया कि अगर पार्टी चुनाव नहीं लड़ती है, तो उसके समर्पित मतदाता उद्धव सेना की ओर चले जाएंगे. उन्होंने कहा, "भाजपा अमित का समर्थन करने के लिए तैयार थी और अभी भी अपने रुख पर कायम है." इस बीच, सरवणकर ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और दावा किया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह माहिम से चुनाव लड़ेंगे.

राज बोले- अगली सरकार महायुति की

इस बीच, राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में अगली सरकार महायुति गठबंधन की अगुआई में बनेगी, जिसमें मुख्यमंत्री का पद भाजपा को मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह सरकार मनसे के समर्थन से बनेगी. आपको बता दें कि राज ठाकरे की पार्टी आधिकारिक तौर पर महायुति गठबंधन का हिस्सा नहीं है, जिसमें भाजपा, शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल हैं. 288 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को होंगे और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी.

Live TV

Advertisement
Advertisement