झारखंड के रामगढ़ के रजरप्पा में स्थित है मां छिन्नमस्ता शक्तिपीठ और विधानसभा चुनावों में यहां इस बार टक्कर भी दो देवियों के बीच ही है. आजसू की मौजूदा विधायक सुनीता चौधरी के सामने कांग्रेस की ममता देवी चुनौती पेश करेंगी. पिछली बार यहां हुए उपचुनाव में बीजेपी और आजसू के बीच गठबंधन होने का लाभ सुनीता चौधरी को मिला था और वह आसानी से जीती थीं.
रामगढ़ विधानसभा काफी हॉट सीट मानी जाती है. वर्ष 2019 में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ममता देवी जीती थीं. लेकिन 2016 के गोला गोलीकांड में दोषी पाए जाने के बाद ममता देवी की विधायकी रद्द हो गई थी. साल 2023 में रामगढ़ सीट पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस ने ममता देवी के पति बजरंग को मैदान में उतारा था. उनके सामने गिरिडीह के सांसद सीपी चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी बतौर आजसू प्रत्याशी खड़ी थीं.
इस उप चुनाव में सुनीता चौधरी ने बजरंग महतो को 21970 मतों से हराकर जीत हासिल की थी. कुछ दिन पहले झारखंड हाई कोर्ट ने गोला गोलीकांड में ममता देवी को निचली अदालत से मिली सजा पर रोक लगा दिया था, जिसके बाद वह फिर से चुनाव लड़ने के लिए योग्य हो गईं. रामगढ़ विधानसभा सीट पर अब तक हुए चुनावों की बात करें तो आजसू से चन्द्र प्रकाश चौधरी लगातार तीन टर्म जीत का रिकॉर्ड बना चुके हैं. अब उनकी पत्नी सुनीता मैदान में हैंत्र
साल 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी और आजसू के बीच गठबंधन नहीं होने का खमियाजा कई सीटों पर बीजेपी को उठाना पड़ा था. रामगढ़ सीट भी उनमें से एक थी. यहां से बीजेपी उम्मीदवार रणन्यज कुमार उर्फ कुंटू बाबू को 36200 वोट मिले थे. कांग्रेस की विजयी उम्मीदवार ममता देवी को 99944 वोट मिले थे. वहीं, आजसू की सुनीता चौधरी को 71226 वोट मिले थे. आजसू और बीजेपी के वोटों को जोड़ने पर यह 1,07,426 होता है, जो कांग्रेस उम्मीदवार को मिले वोटों से 7000 से ज्यादा है.