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'BJP से सीधी लड़ाई में कमजोर पड़ती है कांग्रेस', हरियाणा के नतीजे पर बोली उद्धव की शिवसेना

हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर अभी से दिखना शुरू हो गया है. महाविकास अघाड़ी में शामिल उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हरियाणा चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन की तारीफ की है और कांग्रेस पर तंज भी कसा है.

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शिवसेना यूबीटी की प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी. (Photo: X)
शिवसेना यूबीटी की प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी. (Photo: X)

हरियाणा के चुनाव नतीजों ने सभी को चौंका दिया है. सभी एग्जिट पोल्स और राजनीतिक पंडित यह कह रहे थे कि हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में एकतरफा माहौल है और भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने से कोसों दूर है. 8 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से जब चुनाव नतीजे आने शुरू हुए तो पहले 1 घंटे तक कांग्रेस 65 सीटों पर बढ़त लेकर लैंडस्लाइड विक्ट्री की ओर बढ़ती हुई नजर आ रही थी. दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जलेबी तक बांट दी थी और जश्न मना रहे थे.

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लेकिन 10 बजते-बजते रुझान एकदम पलट गए और बीजेपी ने कांग्रेस पर बढ़त बना ली. चुनाव आयोग के आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि भाजपा ने हरियाणा में जबरदस्त वापसी की है और जीत की हैट्रिक बनाने की ओर आगे बढ़ रही है. भगवा पार्टी के इस प्रदर्शन की कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी भी तारीफ कर रहे हैं. शिवसेना यूबीटी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा को हरियाणा में हारी बाजी पलटने और जीत की ओर आगे बढ़ने पर बधाई दी और उसकी रणनीति की सराहना की. 

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बीजेपी से सीधी लड़ाई में कमजोर पड़ जाती है कांग्रेस

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'इतनी एंटी इन्कम्बेन्सी के बावजूद अगर भाजपा सरकार बना रही है तो मैं उसको बधाई देना चाहूंगी. उन्होंने अपना कैम्पेन अच्छा चलाया, हरियाणा की जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रहे. लोगों में बीजेपी के प्रति नाराजगी भी थी, लेकिन उन्होंने वोट भी उसे ही दिए. कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी को भी अपनी रणनीति देखनी पड़ेगी. जब भाजपा के साथ सीधी लड़ाई होती है तो कांग्रेस कमजोर पड़ जाती है. कांग्रेस को इस पर चिंतन मनन करके अपनी रणनीति में सुधार करना चाहिए. '

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बता दें कि जल्द ही महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक प्रियंका चतुर्वेदी के इस बयान को कांग्रेस पर दबाव बनाने की शिवसेना यूबीटी की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं. महाराष्ट्र में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और शरद पवार गुट की एनसीपी महाविकास अघाड़ी का हिस्सा हैं और तीनों दल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग को लेकर मोलभाव कर रहे हैं. शिवसेना यूबीटी महाराष्ट्र में 2019 के मुकाबले ज्यादा सीटों चुनाव लड़ने की बात कह रही है.

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वहीं, कांग्रेस महाराष्ट्र में खुद को महाविकास अघाड़ी में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में पेश कर रही है. क्योंकि लोकसभा चुनावों में उसने 17 सीटों में से 13 पर जीत दर्ज की थी. इसी तरह शरद पवार की एनसीपी भी अपने दावों से कम सीटों पर संतुष्ट होने के लिए तैयार नजर नहीं आ रही है. उसका तर्क है कि लोकसभा चुनाव में उसका स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर रहा था और उसने 10 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस लिहाज से उसे ​एमवीए में ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए. शिवसेना यूबीटी ने लोकसभा चुनाव में 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ 9 सीटों पर जीत मिली थी.

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