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सिक्किम के सियासी रण में अकेले उतरेगी BJP, टूट गया SKM के साथ अलायंस

भारतीय जनता पार्टी ने सिक्किम में एसकेएम के साथ अपना गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया है. अब दोनों पार्टियां लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अकेले मैदान में उतरेंगी. हालांकि चुनाव के बाद होने वाले गठबंधन पर दोनों तरफ से कोई नाकारात्मक बात नहीं कही गई है.

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भारतीय जनता पार्टी और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (फाइल फोटो)
भारतीय जनता पार्टी और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) के साथ अपना गठबंधन खत्म कर लिया और अकेले लोकसभा-विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. दूसरी तरफ, एसकेएम ने 2019 की तरह चुनाव के बाद बीजेपी के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया. आगामी चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान राज्य बीजेपी अध्यक्ष डी आर थापा ने किया, जो एसकेएम के साथ सीट बंटवारे पर दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मीटिंग में हिस्सा लेने के बाद सिक्किम लौटे.

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राज्य वापस लौटने पर रंगपो में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए थापा ने कहा कि एसकेएम के साथ गठबंधन खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ स्वतंत्र कार्रवाई और सिक्किम के विकास के लिए केंद्रित प्रतिबद्धता का एक नया युग शुरू हो गया है. गठबंधन का विघटन राज्य के लोगों के हितों की सेवा करने का एक बड़ा मौका है. 

'देशहित में गठबंधन इनकार नहीं...'

डी आर थापा ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से कहा है कि स्टेट यूनिट प्रदेश की सभी 32 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर अपने दम पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि पिछले चुनाव में हमने बीजेपी के साथ चुनाव से पहले गठबंधन नहीं किया था, लेकिन चुनाव के बाद गठबंधन किया. देश और राज्य के हित में गठबंधन से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर आगे बढ़ने के लिए बीजेपी को बधाई भी दी.

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सूत्रों के मुताबिक सीट बंटवारे पर एसकेएम और बीजेपी के बीच बातचीत तब टूटी, जब मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बीजेपी के साथ चुनाव से गठबंधन करने से इनकार कर दिया. बीजेपी और एसकेएम दोनों अगले कुछ दिनों के अंदर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट का ऐलान कर सकते हैं. 

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दोनों पार्टियों ने 2019 का लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था, जिसमें एसकेएम ने 17 सीटें जीती थीं और सरकार बनाई थी. दूसरी तरफ, बीजेपी को दो फीसदी से भी कम वोट मिले. एसडीएफ से दलबदल के बाद बीजेपी के विधायकों की संख्या अचानक 10 हो जाने के बाद दोनों पार्टियों ने चुनाव बाद गठबंधन किया.

एसडीएफ के दो विधायक भी एसकेएम में शामिल हो गए, जिससे उसकी संख्या 19 हो गई. इसके बाद बीजेपी ने दो विधानसभा उपचुनाव लड़े, दोनों में जीत हासिल कर अपनी सीटें 12 तक बढ़ा लीं. सिक्किम में अपना विस्तार करते हुए, बीजेपी के उम्मीदवार डीटी लेप्चा ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट भी जीत ली.

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