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'लोकसभा चुनाव के नतीजों से महाराष्ट्र में प्यारी हुईं बहनें', महायुति की योजना पर सुप्रिया सुले का कटाक्ष

सुप्रिया सुले ने महायुति पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हमने लोकसभा चुनाव में शुरुआत की थी तो हमारे पास न तो पार्टी थी और ना ही हमारे पास सिंबल था. लेकिन अब विधानसभा चुनाव में पार्टी और सिंबल के पीछे पूरी ताकत से महाराष्ट्र की जनता खड़ी है. मेरा विश्वास है कि महाराष्ट्र की पूरी जनता ये महाविकास अघाड़ी के साथ खड़ी है.

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NCP (Sharadchandra Pawar) working president Supriya Sule at the India Today Conclave Mumbai on September 25, 2024. (Photo: Chandradeep Kumar for India Today)
NCP (Sharadchandra Pawar) working president Supriya Sule at the India Today Conclave Mumbai on September 25, 2024. (Photo: Chandradeep Kumar for India Today)

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के बीच है. विधानसभा चुनाव को लेकर एनसीपी (एसपी) की वर्किंग अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले का कहना है कि महाराष्ट्र की जनता पूरी ताकत से हमारे पीछे खड़ी है और चुनाव में हम जनता के लिए अपना पूरा जोर लगा देंगे. हम  महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े हैं. 

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सुप्रिया सुले ने आजतक से खास बातचीत करते हुए कहा कि दो चीजें निकल कर सामने आ रही हैं. जब हमने लोकसभा चुनाव में शुरुआत की थी तो हमारे पास न तो पार्टी थी और ना ही हमारे पास सिंबल था. लेकिन अब विधानसभा चुनाव में पार्टी और सिंबल के पीछे पूरी ताकत से महाराष्ट्र की जनता खड़ी है. और हम विधानसभा में ताकत से महाराष्ट्र की माई बाप जनता के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे. महाराष्ट्र में आज एक सशक्त और स्थिर सरकार की जरूरत है जो महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ें. महाराष्ट्र देश में हमेशा से वन नंबर रहा है. उसके लिए हम सब लड़ रहे हैं और मेरा विश्वास है कि महाराष्ट्र की पूरी जनता ये महाविकास अघाड़ी के साथ खड़ी है.

'हम पूरी ताकत से लड़ेंगे'

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उनसे जब पूछा गया कि आपने अपनी रैली को स्वाभिमान रैली का नाम दिया. ये कौन से स्वाभिमान क्या बात कर रही है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ये पिच नहीं है, ये सच है. इस राज्य का जिस तरह से बाला साहब ठाकरे की पार्टी शिवसेना को तोड़ा गया और लोगों को धमकियां दी गई. आइस जिसको मैं हमेशा कहती हूं, आइस मतलब बर्फ नहीं. आइस मतलब इनकम टैक्स, सीबीआई, ईडी जिनसे लोगों को डराया गया. ये सब जो गलत काम एक अदृश्य शक्ति दिल्ली से करती है, महाराष्ट्र में इन्वेस्टमेंट्स आते हैं, पर वो दूसरे राज्यों में चले जाते हैं और जो अन्याय महाराष्ट्र पर दिल्ली की सरकार करती आ रही है. उसके खिलाफ ये महाराष्ट्र की स्वाभिमान की लड़ाई है और हम पूरी ताकत से लड़ेंगे और जीतेंगे.

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात है कि जो इन्वेस्टमेंट्स बेरोजगारी किस के कारण बढ़ी है तो केंद्र सरकार के कारण बढ़ी है. केंद्र सरकार ने जो-जो बढ़ी इन्वेस्टमेंट्स, करोड़ों रुपए की इन्वेस्टमेंट्स और लाखों नौकरियां, जो महाराष्ट्र के बच्चों को मेरिट पर मिलने वाली थी, वो सारी नौकरियां दूसरे राज्यों में दे दी. महाराष्ट्र की क्या गलती थी इसमें?  हमेशा महाराष्ट्र का डेवलपमेंट प्रोग्राम को केंद्र सरकार दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर देती है.

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लाडली बहना योजना पर सुप्रिया का कटाक्ष

उन्होंने लाडली बहना योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस राज्य की बहन लोकसभा चुनाव में प्यारी नहीं थी. जब लोकसभा का रिजल्ट आया उसके बाद इस राज्य की बहन ये प्यारी हुई है और ये बात मुझे से ज्यादा कोई नहीं जान सकता. सुप्रिया सुले ने बारामती में पारिवारिक लड़ाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैंने लोकसभा में भी कहा था. ये लड़ाई ना लोकसभा में पारिवारिक थी और ना आज पारिवारिक है. हमारी लड़ाई विचारों की लड़ाई है तब भी हम भारतीय जनता पार्टी के गलत फैसलों के खिलाफ लड़े थे और आज भी लड़ रहे हैं.

आज महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और बेरोजगारी, महंगाई बढ़ रही है. आप देख रहे हैं कि महाराष्ट्र में क्या हो रहा है? आज महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ इस राज्य में हो नहीं रहा है. बलात्कार बढ़ते जा रहे हैं. कोई भी पांच-दस करोड़ की गाड़ी लेकर एक्सीडेंट कर देता है और वो बड़े घर का है. इसके लिए उसको पुलिस स्टेशन में बिरयानी खिलाई जाती है. हम देख रहे हैं कि हम पुलिस स्टेशन में जाके पिटाई हो रही है महिलाओं की और ये सारी जो चीजें इसके खिलाफ किसी को तो बोलना चाहिए और जिस तरह से हमारी जो सरकार है. वो कॉंप्रमाइज़ है. जो दिल्ली सरकार कहती है महाराष्ट्र सरकार उसी तरह काम करती है. तीनों पार्टी की टिकेट भी दिल्ली ही तय हुई हैं. ये बहुत दुःख की बात है और महाराष्ट्र के स्वाभिमान के खिलाफ है. 

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SP के संन्यास पर क्या बोली सुप्रिया

वहीं, शरद पवार की राजनीति से संन्यास के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये टाइपिंग की बात नहीं है. पवार साहब खुद जब 30 साल पहले वो दिल्ली चले गए और एमपी बने. उसके बाद अजित पवार जी को लॉन्च किया. दिलीप पलसी पाटिल लॉन्च किया, आरआर पाटिल जी को लॉन्च किया. पवार साहब ने हमेशा नई पीढ़ी को सामने लाया, मुझे याद है जब अजित पवार 30 या 35 साल के थे, महाराष्ट्र के कैबिनेट में मंत्री बने, जैन पाटिल, आरआर पाटिल के बहुत सारे ऐसे उदाहरण हैं. उन्होंने हमेशा नए टैलेंट को हमेशा प्रोत्साहित ही किया है तो मेरे ख्याल से बहुत अच्छा विचार है कि नई पीढ़ी भी पार्टी में आए, उनको नई जिम्मेदारी मिले. जिन्होंने बहुत साल काम किया, उनका अनुभव और नए पीढ़ी का जोश का बहुत अच्छा कॉम्बिनेशन है. आगे तो पार्टी ही बढ़ेगी, अच्छा काम भी होगा और विकास भी होगा.

समझदार हैं महाराष्ट्र के वोटर


मुझे नहीं लगता कि रिअलाइन्मेंट होगा.  महाराष्ट्र के मतदाता बहुत मिच्योर हैं. बहुत सोच समझ के वोटिंग करते हैं तो मेरा विश्वास है वो एक स्वाभिमान जैसी सशक्त सरकार ही महाराष्ट्र को देंगे. उम्मीद पर दुनिया कायम है तो उम्मीद तो रखनी ही चाहिए और लड़ाई तो होती रहेंगी. ये नैतिकता की बात है और जिस गलत तरीके से उद्धव ठाकरे और पवार साहब से उनकी पार्टी छीनी गईं, सिंबल छीना गया. आज हम पर आघात हुआ है, कल किसी और पर करेंगे. तो मेरे ख्याल से ये लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं  है. ये देश संविधान से चलता है, अदृश्य शक्ति की मनमानी से नहीं.

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