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'झूठ की घुट्टी पर विकास की गारंटी भारी पड़ी है...', हरियाणा में जीत पर बोले पीएम मोदी

हरियाणा चुनावों में भाजपा ने 48 सीटों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस 37 सीट ही जीत सकी है, वहीं जेजेपी और AAP जैसी पार्टियां हार गईं और INLD केवल दो सीटें जीतने में सफल रही. AAP ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था.

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हरियाणा में जीत के बाद भाजपा दफ्तर में हुआ पीएम मोदी का जोरदार स्वागत.
हरियाणा में जीत के बाद भाजपा दफ्तर में हुआ पीएम मोदी का जोरदार स्वागत.

कथित सत्ता विरोधी लहर को मात देते हुए भाजपा ने हरियाणाइन चुनावों में भाजपा ने 48 सीटों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस 37 सीट ही जीत सकी है, वहीं जेजेपी और AAP जैसी पार्टियां हार गईं और INLD केवल दो सीटें जीतने में सफल रही. AAP ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था. में जीत की हैट्रिक लगा दी है. इसी के साथ भाजपा ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी की कोशिश पर भी ब्रेक लगा दी.

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कांग्रेस की आसान जीत की भविष्यवाणी करने वाले एग्जिट पोल को गलत साबित करते हुए बीजेपी लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाएगी. पार्टी ने 90 में से 89 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसने सिरसा सीट पर चुनाव नहीं लड़ा, जहां से इसके सहयोगी गोपाल कांडा मौजूदा विधायक थे, हालांकि कांडा अपनी सीट हार गए.

कांग्रेस ने भी 89 सीटों पर चुनाव लड़ा और भिवानी सीट सीपीआई (एम) के लिए छोड़ दी. जबकि बीजेपी ने 48 सीटें जीतीं. 2014 में अपनी 47 की संख्या को बेहतर करते हुए, कांग्रेस ने 37, इनेलो ने 2 सीटें जीतीं, जबकि तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत का स्वाद चखा.

'जनता ने कांग्रेस के लिए लगाए नो एंट्री के बोर्ड'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत की सराहना करते हुए कहा कि यह सभी समुदायों ने भाजपा को वोट दिया. उन्होंने दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'विकास' की हमारी गारंटी कांग्रेस द्वारा फैलाए गए झूठ पर भारी पड़ी और लोगों ने हमें तीसरी बार चुनकर नया इतिहास लिखा.' प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक बार जब लोग कांग्रेस को बाहर कर देते हैं, तो वे उसे वापस नहीं आने देते. उन्होंने कांग्रेस के लिए 'नो एंट्री' बोर्ड लगा दिए. यह एक ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा सोचा कि सत्ता उसका जन्मसिद्ध अधिकार है.'

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हरियाणा में पहली बार भाजपा ने किया ये कमाल

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज हरियाणा के लोगों ने इतिहास रच दिया है. हरियाणा की स्थापना 1966 में हुई थी और प्रमुख नेताओं को राज्य का नेतृत्व करने का मौका मिला है. ये नेता देशभर में मशहूर थे. आज तक हरियाणा में 13 चुनाव हुए हैं और इनमें से 10 में हरियाणा की जनता ने हर पांच साल में सरकार बदल दी. हालांकि, हरियाणा के लोगों ने कुछ उल्लेखनीय हासिल किया है. पहली बार किसी सरकार को मौका दिया गया है.

भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके तप और तपस्या के लिए नमन- PM मोदी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं को उनकी तपस्या के लिए नमन किया. उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में जितनी भी पार्टियां चुनाव लड़ रही थीं, उनमें वोट शेयर के हिसाब से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. मैं हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में जीत हासिल करने वाले सभी उम्मीदवारों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं. मैं हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की जनता को भी बहुत बहुत बधाई देता हूं. मैं सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके तप और तपस्या के लिए नमन करता हूं.'

पीएम मोदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को दी बधाई

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'आज नवरात्रि का छठा दिन है, मां कात्यायनी की आराधना का दिन है. यह गीता की धरती पर सत्य, विकास और सुशासन की जीत है. जम्मू-कश्मीर में दशकों बाद शांतिपूर्ण चुनाव और मतगणना हुई है. यह लोकतंत्र की जीत को दर्शाता है. मैं नेशनल कॉन्फ्रेंस को बधाई देता हूं.'

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जीतने वाले मुख्य उम्मीदवार

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने हरियाणा के नतीजों को अप्रत्याशित बताया और कहा कि उनकी पार्टी लोगों के जनादेश का आकलन करेगी. जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (लाडवा), कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा (गढ़ी सांपला-किलोई), भाजपा के अनिल विज (अंबाला कैंट), श्रुति चौधरी (तोशाम), इनेलो के अर्जुन चौटाला (रानिया), कांग्रेस की विनेश फोगाट (जुलाना), आदित्य सुरजेवाला (कैथल), गीता भुक्कल (झज्जर), भाजपा की आरती सिंह राव (अटेली) और निर्दलीय उम्मीदवार सावित्री जिंदल (हिसार) और आदित्य देवी शामिल हैं.

हारने वाले प्रमुख चेहरे

हारने वालों में इनेलो के अभय सिंह चौटाला (ऐलनाबाद), जेजेपी के दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला (डबवाली), निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के ज्ञान चंद गुप्ता, कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह, आम आदमी पार्टी के अनुराग ढांडा (कलायत), भाजपा के ओपी धनखड़ (बादली), कैप्टन अभिमन्यु (नारनौंद), हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा (सिरसा) और निर्दलीय रणजीत चौटाला (रानिया) शामिल हैं. 

बता दें कि हरियाणा में एक ही चरण में 5 अक्टूबर को मतदान हुआ था. इन चुनावों में भाजपा को 39.94 प्रतिशत वोट शेयर हासिल हुआ, जो कांग्रेस के 39.09 के करीब था. वहीं जेजेपी ने आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था. उन्हें वोट शेयर का भारी नुकसान हुआ क्योंकि 2019 में 10 सीटें जीतने के बाद पार्टी ने लगभग 15 प्रतिशत हासिल किया था जो अब गिरकर 0.90 प्रतिशत हो गया है.

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