महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के बीच बैग चेकिंग को लेकर सियासत गरमा गई है. शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे की दो बार तलाशी के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बाद अब अजित पवार के हेलिकॉप्टर और बैग की तलाशी का वीडियो भी सामने आया है. NCP चीफ अजित पवार ने खुद वीडियो जारी किया और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए इसे जरूरी बताया है.
इससे पहले बीजेपी ने वीडियो जारी किया था और कहा था, 5 नवंबर को ही फडणवीस के बैग की जांच हुई. बीजेपी का कहना था कि ये चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है. एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बैग की भी चेकिंग हुई थी. दरअसल, 24 घंटे में दो बार हेलिकॉप्टर और बैग चेक किए जाने से उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जताई थी और उनकी पार्टी ने वीडियो शेयर किया था.
अजित बोले- मैंने जांच में पूरा सहयोग दिया
अब NCP चीफ और डिप्टी सीएम अजित पवार ने भी बैग चेकिंग का वीडियो शेयर किया है. अजित पवार ने कहा, आज जब वे चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे तो चुनाव आयोग की टीम ने उनके बैग और हेलिकॉप्टर की नियमित जांच की. उन्होंने कहा, मैंने पूरा सहयोग किया और माना कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसे उपाय जरूरी हैं. हम सभी कानून का सम्मान करना चाहिए और लोकतंत्र की अखंडता को बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए.
'लातूर में गडकरी का हेलिकॉप्टर हुआ चेक'
मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने लातूर में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हेलिकॉप्टर का भी निरीक्षण किया था. गडकरी एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे.
उद्धव के नाराज होने का आया था वीडियो
इससे पहले एक्स पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें चुनाव अधिकारियों द्वारा उद्धव ठाकरे के बैग की जांच किए जाने पर नाराज देखा जा रहा था. उद्धव को अधिकारियों से यह पूछते हुए सुना जा रहा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भी इसी तरह की जांच की जाती है जब वे रैलियों को संबोधित करने के लिए महाराष्ट्र आते हैं. उद्धव का मंगलवार को लातूर पहुंचने के बाद चुनाव अधिकारियों ने बैग चेक किया था. इससे पहले सोमवार को यवतमाल जिले के वानी में अधिकारियों ने उनके बैग की जांच की थी.
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें ठाकरे चुनाव अधिकारियों से उनके बैग की जांच करते समय उनके नाम और उनकी पोस्टिंग पूछते हुए सुनाई दे रहे हैं. बाद में ठाकरे कहते हैं, मैं आपसे नाराज नहीं हूं, लेकिन जब नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के लिए आ रहे हैं तो उन पर भी यही कानून लागू किया जाना चाहिए.
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'वोटर्स का ध्यान भटकाने में लगे हैं उद्धव ठाकरे'
उद्धव के बैग चेक पर विवाद होने पर बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने निशाना साधा था. फडणवीस ने कहा था, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख बैग चेकिंग के खिलाफ बेवजह विरोध करके वोटर्स का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और जरूरी विषयों के अभाव में ठाकरे अब रो-रोकर वोट मांग रहे हैं. फडणवीस का कहना था, बैग चेक करने में क्या गलत है? हमने भी चुनाव प्रचार के दौरान अपने बैग चेक कराए और इस स्तर की हताशा दिखाने की कोई जरूरत नहीं है.
फडणवीस ने कहा, भाई-बहनों रोने वाले नहीं, लड़ने वाले चाहिए. और लड़ने वाले आपके सामने हैं. और रोने वाले रोज रो रहे हैं. हमारा बैग चैक किया, हमारा बैग चैक किया, हमारा बैग चैक किया... उन रोने वालों को पीछे रहने दो. लड़ने वालों के साथ खड़े रहो.
क्यों चेकिंग करते हैं अफसर?
दरअसल, चुनाव की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है. ऐसे में अफसरों की जिम्मेदारी होती है कि वे निष्पक्ष चुनाव कराने में अपना अहम रोल निभाएं. अफसर को निर्देश दिए जाते हैं कि वोटर्स को लुभाने के लिए गिफ्ट और नकदी का वितरण रोका जाए. इसके लिए चुनाव अधिकारियों को अलर्ट किया जाता है. इसी कड़ी में नेताओं के सामान की जांच चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है. ड्यूटी में लगे अफसर नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने पहुंचते हैं और सड़क से लेकर एयरपोर्ट तक निगरानी बढ़ा देते हैं. बीजेपी भी यही साबित करने की कोशिश कर रही है कि सामानों की जांच कोई असामान्य बात नहीं है.