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'बिहार में 40 विधानसभा सीटों की क्यों डिमांड?', जीतनराम मांझी ने इंटरव्यू में बताया पूरा प्लान

केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (लोकतांत्रिक) 40 सीटों की डिमांड कर रही है. इस डिमांड से लेकर ताजा बयानों को लेकर चल रही अटकलों तक, जीतनराम मांझी ने आजतक से खास बातचीत में हर सवाल का जवाब दिया है.

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केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी. (PTI Photo)
केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी. (PTI Photo)

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के बयान को लेकर बिहार की सियासत में हंगामा मचा हुआ है. मांझी के बयानों से कयास लगाए जाने लगे कि वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से नाराज हैं. मामले ने तूल पकड़ा तो मांझी ने इस तरह की अटकलों को खारिज किया और एनडीए के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए स्पष्ट कहा कि मरते दम तक प्रधानमंत्री मोदी का साथ नहीं छोड़ूंगा. नाराजगी के कयासों को हवा देने वाले बयान से लेकर बिहार चुनाव में 40 सीटों की दावेदारी तक, जीतनराम मांझी ने आजतक से खास बातचीत में हर सवाल का जवाब दिया है.

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जीतनराम मांझी ने सफाई देते हुए कहा कि इस साल बिहार में चुनाव हैं और हमने अपने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है. उन्होंने दिल्ली और झारखंड चुनाव में सीटें नहीं दिए जाने को लेकर अपने बयान पर कहा कि हमने कार्यकर्ताओं से यही कहा कि शायद आपकी ताकत नहीं समझी गई. मांझी ने कहा कि इसलिए झारखंड और दिल्ली में सीट नहीं दी गई और अगर आप ताकत नहीं दिखाएंगे तो हो सकता है कि आपको (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को) बिहार के चुनाव में भी नजरअंदाज किया जाए.

उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता ये चाहते है कि बिहार में 40 सीटें हमें मिलें. हम भी यही कहते हैं कि 40 सीट मिलने के बाद अगर 20 सीट जीत जाते हैं तो बिहार में बहुत सी समस्याओं को हल करवा देंगे. मांझी ने यह भी कहा है कि हम बिहार में सीटों को लेकर एनडीए की बैठक में हम बात करेंगे. हम एनडीए के नेतृत्व से यह डिमांड करेंगे कि हमें बिहार में इतनी सीटें दीजिए कि एनडीए को इसका फायदा हो सके. उन्होंने एनडीए से नाराजगी की अटकलों को भी खारिज किया और कहा कि जीतनराम मांझी नाराज नहीं है.

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नाराजगी की खबरों के लिए मीडिया पर ठीकरा फोड़ते हुए मांझी ने कहा कि हमने सिर्फ इतना कहा है कि हम मदद नहीं कर सके, इसका हमें मलाल है. उन्होंने दिल्ली में सीट शेयरिंग को लेकर कहा कि हमने जेपी नड्डा और अमित शाह से सीटों के लिए बात की थी. एनडीए ने निर्णय लिया. मांझी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता ये चाहते थे कि अगर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को भी सीट मिलती तो हमारी पार्टी में भी उत्साह रहता और इसका लाभ एनडीए को भी मिलता. मांझी ने कैबिनेट छोड़ने वाली बात पर भी सफाई दी है.

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जीतनराम मांझी ने कैबिनेट छोड़ने वाली बात को लेकर सवाल पर कहा कि हम अपने लोगों से बार-बार यह कह रहे थे कि हमारी फ्लाइट है और अगले ही दिन कैबिनेट की मीटिंग भी है. ज्यादा देर कीजिएगा तो हमारा कैबिनेट छूट जाएगा. उन्होंने कहा कि हमने कैबिनेट मीटिंग के संदर्भ में ये बात कही थी, कैबिनेट छोड़ने की नहीं. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (लोकतांत्रिक) के संस्थापक जीतनराम मांझी ने एनडीए में उपेक्षा और बिहार में औकात दिखाने वाली बात को लेकर सवाल पर भी सफाई दी.

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उन्होंने अपने बयानों के पीछे पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की दलील दी. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पार्टी चलाते हैं. हम अगर अपनी ताकत नहीं दिखाएंगे, पार्टी को मजबूत नहीं करेंगे तो आगे कैसे बढ़ पाएंगे? उन्होंने कहा कि हमने ये बातें इसीलिए कहीं कि अगर आप तैयार हों तो जितनी सीटें मांगोगे, उतनी सीटें हमें गठबंधन में मिलेंगी. मांझी ने साथ ही यह भी कहा कि अगर हम बिहार में 20 सीटें जीतने में भी सफल हो जाते हैं तो हम आपके काम बेहतर तरीके से कर सकेंगे.

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