बंगाल में ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के लिए इस बार की चुनावी जंग करो या मरो वाली है. संघर्ष के बूते अपनी छवि गढ़ने वालीं ममता इस बार बंगाल की चुनावी सियासत में उभरे नए पहलुओं को बारीकी से पढ़ रही हैं और अपनी रणनीति बना रही हैं. सोमवार शाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुरूलिया से चुनावी सभा कर दुर्गापुर के होटल में लौटने के दौरान पार्टी समर्थक और बड़ी संख्या में लोग होटल के बाहर भीड़ लगाए खड़े हुए थे. इसी दौरान ममता बनर्जी की नजर एक छोटी सी बच्ची पर जाती है, जो अपने पिता के साथ ममता को देखने के लिए खड़ी थी.
(फोटो- अनिल गिरी)
मुख्यमंत्री ममता ने बच्ची को देखा और रुक गईं फिर बच्ची को इशारा कर अपने पास बुलाया. बच्ची दीदी का इशारा नहीं समझ सकी. लेकिन वहां तैनात पुलिस के जवान समझ गए और एक पुलिस जवान ने बच्ची को मुख्यमंत्री के पास जाने का रास्ता बना दिया. बच्ची भी मुख्यमंत्री के पास पहुंच गई, ममता बनर्जी ने बच्ची को स्नेह किया, सिर पर हाथ फेरा और होटल की तरफ रवाना हो गईं.
मुख्यमंत्री से मिलने के बाद बच्ची भी काफी खुश नजर आई. दुर्गापुर इस्पातनगरी के एक स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाली सुहाना परवीन ने कहा कि वो अपने पिता शेख सलाउद्दीन के साथ मुख्यमंत्री को देखने आई थी. सुहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उससे उनका नाम पूछा साथ ही उसे प्यार भी किया. बच्ची ने बताया कि उसने भी ममता बनर्जी से जल्द स्वस्थ होने की कामना की. सुहाना के पिता शेख सलाउद्दीन दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में ठेका कर्मी हैं, जो दुर्गापुर इस्पातनगरी के अकबर रोड में रहते हैं.
पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही यहां सियासत का पारा भी चढ़ गया है. हर दल की तरफ से प्रचर में पूरी ताकत झोंकी जा रही है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घायल होने और आखिरी सांस तक लड़ने के ऐलान से बीजेपी भी आक्रमक तेवर दिखा रही है. पुरुलिया की धरती पर सोमवार को चुनावी सभा में ममता बनर्जी का आक्रमक अंदाज दिखा.