पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ऐतिहासिक जीत की ओर कदम बढ़ा चुकी है. टीएमसी यहां 200 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है. टीएमसी की जीत मानकर उसके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं. (Photo credit: Debajyoti Chakraborty)
टीएमसी के समर्थकों से बंगाल में रुझानों के बाद खुशी संभाले नहीं संभल रही है और वह सड़कों पर अलग-अलग गेटअप में उतर आए हैं. कोई चश्मे में ममता दीदी का फोटो लगाकर नाच रहा है तो कोई अलग तरह से खुशी दिखा रहा है.((Photo credit: mausami singh)
वहीं सड़कों पर लोग हरे गुलाल से होली से खेलते नजर आए और हाथों की अंगुलियों से तृणमूल कांग्रेस को चुनाव चिह्न बनाते हुए दिखे. (Photo credit: Debajyoti Chakraborty)
कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के घर के आगे समर्थकों ने जश्न मनाया. यह हालत तब है जब चुनाव आयोग ने साफ शब्दों में कहा था कि चुनाव नतीजों के समय कोई भी जश्न न मनाएं क्योंकि कोरोना का संक्रमण देश में कई जानों को ले रहा है. (Photo credit: Debajyoti Chakraborty)
बता दें कि 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्मीं ममता बनर्जी अपने संघर्ष, सादगी और 'मां, माटी और मानुष' के नारे के सहारे 2011 में पश्चिम बंगाल में लेफ्ट दुर्ग को ढहा कर राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. पांच साल बाद वे पहले से ज्यादा बड़ी ताकत बनकर उभरीं और दूसरी बार सीएम बनीं. तीसरी बार सीएम बनने का सपना लेकर ममता इस बार नंदीग्राम सीट से मैदान में है, जहां उनके ही पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी के टिकट पर उनको कड़ी चुनौती दी. (Photo credit: Debajyoti Chakraborty)
लोकसभा चुनाव में मिली सफलता को आधार बनाते हुए बीजेपी ने बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतने का प्लान बनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा ने पूरी ताकत के साथ प्रचार किया, तो वहीं ममता बनर्जी-अभिषेक बनर्जी की अगुवाई में टीएमसी ने दम दिखाया. पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर इस बार 8 चरणों में मतदान हुआ, कुछ जगह हिंसा भी हुई. (Photo credit: Debajyoti Chakraborty)