पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच बयानों के तीर चल रहे हैं, वहीं इस बीच पोल राइट ग्रुप एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट आई है. एडीआर की इस रिपोर्ट के मुताबिक सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की विधायक ज्योत्सना मंडी की संपत्ति में 1985.68 फीसदी इजाफा हुआ है.
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक ज्योत्सना मंडी ने साल 2016 के विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र के साथ दाखिल एफिडेविट में अपनी कुल संपत्ति 1 लाख 96 हजार 633 रुपये की बताई थी. पांच साल बाद 2021 के चुनाव में ज्योत्सना मंडी ने अपनी संपत्ति 41 लाख 1 हजार 144 रुपये घोषित की है. पिछले पांच साल में ज्योत्सना मंडी की संपत्ति में उनके ही एफिडेविट के मुताबिक 39 लाख 4 हजार 511 रुपये का इजाफा हुआ है.
ज्योत्सना मंडी बांकुरा जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रानीबंध विधानसभा सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक द वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच और एडीआर ने पहले चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे 30 उम्मीदवारों के एफिडेविट का संयुक्त सर्वे कराया. इन सीटों के लिए 27 मार्च को वोटिंग होनी है.
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में कांग्रेस के टिकट पर पुरुलिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे सुदीप कुमार मुखर्जी की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है. इसबार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे सुदीप ने पांच साल पहले अपनी संपत्ति 11 लाख 57 हजार 945 रुपये घोषित की थी. 2021 के चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 45 लाख 2 हजार 782 रुपये घोषित की है.
पश्चिम मेदिनीपुर जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित केशिआरी विधानसभा सीट से टीएमसी के निवर्तमान विधायक परेश मुर्मू की संपत्ति में भी 246.34 फीसदी इजाफा हुआ है. साल 2016 में उनकी संपत्ति 11 लाख 57 हजार 926 थी जो पांच साल में बढ़कर 40 लाख 10 हजार 329 रुपये हो गई है. इनके अलावा कुछ विधायकों की संपत्ति में 2016 की तुलना में गिरावट भी देखी गई है.
कम हुई बिश्वनाथ दास की संपत्ति
दक्षिण 24 परगना जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जयनगर विधानसभा सीट से विधायक बिश्वनाथ दास की संपत्ति 2016 की तुलना में घटी है. बिश्वनाथ दास ने साल 2016 के चुनाव के समय अपनी संपत्ति 46 लाख 85 हजार 523 रुपये बताई थी. इस बार के चुनाव में बिश्वनाथ दास ने 2021 के चुनाव में अपनी संपत्ति 14 लाख 41 हजार 200 रुपये घोषित किया है. आंकड़ों में बात करें तो बिश्वनाथ दास की संपत्ति में 69.27 फीसदी की कमी आई है.
इसी तरह टीएमसी विधायक संध्यारानी टुडू की संपत्ति भी 60.20 फीसदी कम हुई है. पुरुलिया जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित मानबाजार सीट से विधायक संध्यारानी की संपत्ति ऐफिडेविट के मुताबिक 53 लाख 97 हजार 129 की तुलना में इस बार घटकर 21 लाख 48 हजार 82 रुपये पर आ गई है. बता दें कि इस बार बंगाल के चुनाव आठ चरणों में हो रहे हैं. पहले चरण में 27 मार्च और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी. विधानसभा की 294 सीटों के लिए हो रहे मतदान के नतीजे 2 मई को आएंगे.