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जब गुजरात जल रहा था तब दीदी बीजेपी के साथ थीं, ममता के आरोप पर भड़के ओवैसी

ममता बनर्जी के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने जोरदार पलटवार किया और गुजरात हिंसा की याद दिलाते हुए कहा कि 30 अप्रैल 2002 को जब गुजरात जल रहा था तब दीदी बीजेपी के साथ थीं. क्या दीदी ने गुजरात के पीड़ितों को ईनाम के लिए, मुफ्त में या एक मंत्री पद के लिए बेच दिया था?

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एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (File-PTI)
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (File-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कूचबिहार में रैली में ममता ने ओवैसी पर साधा था निशाना
  • 'शख्स जो हैदराबाद से बंगाल आया, उसने बीजेपी से पैसे लिए'
  • क्या दीदी ने गुजरात के पीड़ितों को मंत्री पद के लिए बेच दिया थाः ओवैसी

बंगाल में 2 चरण के चुनाव खत्म हो चुके हैं और अभी 6 चरणों के चुनाव बाकी हैं, ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दल प्रचार में जुटे हुए हैं. टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक चुनावी रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करते हुए कहा कि वह बंगाल चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचा रहे हैं, इस पर ओवैसी ने कहा कि जब गुजरात जल रहा था तब ममता बीजेपी के साथ थीं.

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दूसरे चरण के लिए वोटिंग खत्म होने के बाद आज बंगाल के कूचबिहार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस की नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक शख्स जो हैदराबाद से बंगाल आया है, उसने बीजेपी से पैसे लिए हैं. यहां उन्हें टिकने नहीं देना होगा.

ममता ने मुसलमानों को सिर्फ डर दियाः ओवैसी 

ममता बनर्जी के इस बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने जोरदार पलटवार किया और गुजरात हिंसा की याद दिलाई. ओवैसी ने कहा कि 30 अप्रैल 2002 को जब गुजरात जल रहा था तब दीदी बीजेपी के साथ थीं. क्या दीदी ने गुजरात के पीड़ितों को ईनाम के लिए, मुफ्त में या मंत्री पद के लिए बेच दिया था?

असदुद्दीन ओवैसी ने कई ट्वीट कर ममता पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को सरकारी नौकरियों में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के लिए 60 साल का समय लगेगा. ममता बनर्जी आरएसएस की पसंदीदा स्वघोषित सेकुलर हो गई, जबकि मुसलमानों की एक पूरी पीढ़ी भूमिहीन, गरीब और अनपढ़ रह गई. कोई भी हैदराबादी मुस्लिम इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं है.

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उन्होंने कहा कि क्या हम अपमान और अनादर अपमान के बदले बीजेपी के पुराने सहयोगियों के लिए मतदान जारी रखेंगे? नहीं अगर इस हैदराबादी मुस्लिम को इसके बारे में कुछ भी कहना है, तो मैं ममता से सवाल कर रहा हूं कि उन्होंने डर पैदा करने के अलावा मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है. हम सिर्फ अल्लाह से डरते और उन्हें से उम्मीद रखते हैं.


 

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