पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले राजनीति तेज़ हो गई है. तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. राज्य में राजनीतिक हिंसा का हवाला देते हुए आज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात की.
बंगाल बीजेपी के नेता स्वपन दास गुप्ता, सभ्यसाची दत्ता मंगलवार को केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंचे. इस दौरान बंगाल में बढ़ रही राजनीतिक हिंसा के मामलों को सामने रखा गया और एक्शन की मांग की गई. अब 17 दिसंबर को डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर सुदीप जैन बंगाल का दौरा करेंगे.
बीजेपी की ओर से दो पेज का ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें कहा गया है कि बंगाल पुलिस निष्पक्ष नहीं है. पुलिस TMC के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है, ऐसे में राज्य में अर्धसैनिक बलों की नियुक्ति की जाए. साथ ही कहा गया है कि बंगाल में सरकारी कर्मचारी टीएमसी के समर्थन की बात कर रहे हैं, ऐसे में वो कैसे निष्पक्ष चुनाव कराएंगे.
बीजेपी नेता स्वपन दास गुप्ता के मुताबिक, जल्द ही चुनाव आयोगी की एक टीम बंगाल का दौरा करेगी. हमने EC ने वोटर लिस्ट को अपडेट करने की मांग की है. बंगाल की सीमाओं पर कुछ लोग नए नाम से रह रहे हैं.
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में पिछले काफी वक्त से हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. बीजेपी का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को मारा जा रहा है. हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के खत्म हुए दौरे के बाद भी बंगाल में बीजेपी के कुछ नेताओं की हत्या की गई थी.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हाल ही में जब बंगाल दौरे पर थे, तब उनके काफिले पर भी हमला किया गया था. डायमंड हार्बर जाते हुए जेपी नड्डा के काफिले पर पत्थर फेंके गए, उनके अलावा कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर भी पत्थर फेंके गए. इस घटना के बाद कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा बढ़ा दी गई.
गौरतलब है कि जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में कानून व्यवस्था पर चिंता जताई थी. गृह मंत्रालय ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से रिपोर्ट मांगी थी, अपनी रिपोर्ट में राज्यपाल ने राज्य पुलिस की लापरवाही की बात कही थी.