पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एंट्री ले ली है. आइएसएफ प्रमुख फुरफुराशरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी के झटके से उभरने के बाद ओवैसी अकेले दम पर बंगाल के सियासी रण में उतरे हैं. वहीं बताया जा रहा है कि बुधवार को ओवैसी की बंगाल के मुर्शिदाबाद में होने वाली रैली को रद्द कर दिया गया. जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद में रैली करने पहुंचे ओवैसी का हेलिकॉप्टर ही लैंड नहीं होने दिया गया, आखिर समय में ही इसकी अनुमति रद्द कर दी गयी थी.
ऐसे में ओवैसी ने आजतक से ख़ास बातचीत में कहा कि ये सब बहुत छोटी बाते हैं. कोई बात नहीं, हमने उम्मीदवारों की घोषणा की है, और यहां हमें जनता की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. ओवैसी ने कहा कि हमने पहले ही बंगाल में अपनी पार्टी स्थापित कर ली थी. लेकिन जो लोग यह कह रहे हैं कि हम बिहार की वजह से बंगाल में चुनाव लड़ रहे हैं, तो यह महज गुमराह करने वाली बात है.
'पीएम मोदी और ममता में कोई अंतर नहीं'
वहीं उन्होंने पीएम मोदी और ममता बनर्जी पर बात करते हुए कहा कि मोदी और ममता में कोई अंतर नहीं है. वे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. ममता की मुस्लिम वोट अपील पर ओवैसी ने कहा कि यह उनके लिए पाखंड और अवसरवाद को साफा जाहिर करता है. ओवैसी ने कहा कि यह ममता का सांप्रदायिक व्यवहार है. ओवैसी ने कहा कि ममता कहती हैं कि मुसलमान गाय की तरह हैं. उन्होंने कहा कि लोग मुसलामानों को मनुष्यों के रूप में क्यों नहीं देखते हैं? आप हमें जानवरों के रूप में ही क्यों समझते हैं? मैं ममता बनर्जी को चुनौती देता हूं कि वह अपना रिपोर्टकार्ड दिखाएं कि उन्होंने मुसलमानों के लिए क्या किया है?
ओवैसी ने आगे कहा कि मोदी कहते हैं कि मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं, ममता कहती हैं कि मैं हिंदू ब्राह्मण हूं. ऐसे में हम?... हम (मुस्लिम) तो दोनों के बीच फंस गए हैं. ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी बांग्लादेश जाते हैं और कहते हैं कि उन्होंने सत्याग्रह में हिस्सा लिया. वहीं दूसरी तरफ उनके अपने लोगों का कहना है कि एक करोड़ मुसलमान अवैध प्रवासी हैं. ओवैसी ने कहा कि बीजेपी अपनी हिंदुत्व विचारधारा से भरी हुई है. वहीं ममता दिन प्रतिदिन दिन अपने भाषणों में क्या क्या नहीं बोल रही हैं. इससे उनकी मंशा साफ़ जाहिर हो रही है. मैं उस भाषा को बोलने के लिए उनका आभारी हूं. वह दिखा रही हैं कि उनकी पार्टी और भाजपा में कोई वास्तविक अंतर नहीं है.
यूपी को और समय दूंगा: ओवैसी
अगली बार उत्तर प्रदेश में चुनावी दंगल लड़ने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि मैं इस चुनाव के बाद यूपी को और समय दूंगा. पांच साल पहले, हमने यूपी में चुनाव लड़ा था, लेकिन इन 4 वर्षों के भीतर, हमने वास्तव में जमीन पर कड़ी मेहनत की है. और मुझे यकीन है कि अगली बार, हमारे पास बेहतर उम्मीदवार होंगे.
बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी ने जिन सात सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें से 3 सीटें कांग्रेस, 3 सीटें टीएमसी और एक सीट पर लेफ्ट का कब्जा है. मुस्लिम बहुल इन सभी सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम कैंडिडेट उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है, क्योंकि कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन और टीएमसी ने भी इन सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव खेला है. इस तरह से इन सीटों पर जबरदस्त मुकाबला होने की संभावना है.