पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है. ममता सरकार ने चुनावी वर्ष से ठीक पहले एक बड़ी योजना लागू की है, जिसके जरिए बंगाल के हर घर तक पहुंचने की कोशिश है. ममता सरकार ने ‘द्वारे सरकार’ लॉन्च किया है, जो कि राज्य में पंचायत, वार्ड लेवल तक पहुंचाया जाएगा.
बंगाल के चीफ सेक्रेटरी अल्पान बंदोपाध्याय ने इसके बारे में जानकारी साझा की, उन्होंने कहा कि जो भी SOP बताए गए हैं उनका पालन करें और अपने कागजात को साझा करें. इस योजना के तहत अब लोगों को घर बैठे ही SC/ST/OBC/Tribal जाति से जुड़े सर्टिफिकेट मिल जाएंगे.
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इसके अलावा आदिवासी समुदाय के लिए आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है, 60 साल से अधिक उम्र वाले लोग जिनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है. बंगाल सरकार उन्हें घर बैठे 1000 रुपये प्रति महीना देगी. सरकार की ओर से जल्द ही इसकी प्रक्रिया को समझा दिया जाएगा और मोबाइल फोन के जरिए लोग वार्ड लेवल तक में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे.
ममता सरकार की द्वारे सरकार योजना के तहत राज्य सरकार की कई स्कीम को शामिल किया गया है. जिसके तहत राशन कार्ड, उससे जुड़े बदलाव को घर बैठे पूरा किया जा सकेगा. आदिवासी, तापिस समुदाय के बच्चों को 800 रुपये सालाना की स्कोलरशिप मिलेगी.
इस स्कीम को लागू करने के लिए अलग-अलग लेवल पर तैयारी की गई है और लगातार काम जारी है. ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, जिला, तहसील लेवल पर भी मंथन हो रहा है.
गौरतलब है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में बीजेपी जोर लगा रही है. ऐसे में बीजेपी की रणनीति को काउंटर करने के लिए इस योजना को अहम माना जा रहा है. जिसके जरिए ममता सरकार लोगों के घरों तक अपनी सरकार के काम की पहुंच को ले जाना चाहती हैं.