पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी एक के बाद एक अप्रत्याशित रणनीति अपना रही है. नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा मंगलवार को यहां पहुंची ममता बनर्जी ने हिंदुत्व का कार्ड खेलकर सबको चौंका दिया. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ बीजेपी को हिंदुत्व पर नसीहत दी, बल्कि मंच से चंडी पाठ करके अपने काली भक्त हिंदू होने की मुनादी भी कर दी.
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ सबसे पहले तो ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा कर सबको चकित कर दिया था. इसके बाद मंगलवार को ममता ने ये भी खुलासा किया कि उन्होंने पहले से ही सोच कर रखा था कि वे या तो सिंगूर या नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी. जब उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी तो बीजेपी ने आरोप लगाया था कि नंदीग्राम में मुस्लिम वोट बैंक ज्यादा होने की वजह से ममता बनर्जी ने वहां से चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
ममता बनर्जी जब मंगलवार को पहली बार नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करने पहुंचीं तो सब को लग रहा था कि वे मुस्लिमों को लुभाने का प्रयास करते हुए मुस्लिम कार्ड खेलेंगी. लेकिन यहां भी उन्होंने सबको चकित किया और बिल्कुल विपरीत जाकर हिंदू कार्ड खेल दिया.
नंदीग्राम के बरतला में तृणमूल की जनसभा के दौरान भाषण देते हुए ममता ने कहा कि मैं हिंदू घर की लड़की हूं. ममता ने यह भी कहा कि जो लोग 70 और 30% का कार्ड खेल रहे हैं, वे सावधान रहें. ममता बनर्जी ने मंच से चंडी पाठ समेत कई मंत्रोचार किए. वे कई मिनटों तक लगातार मंत्रोचार करती रहीं. ममता ने मंच से घोषणा की कि वे शिवरात्रि नंदीग्राम में मनाएंगी फिर यहां से जाएंगी.
पहले ही दिन तीन मंदिरों का दौरा
बरतला में अपनी सभा के बाद ममता यहां से सीधे 13 किलोमीटर दूर स्थित हरि मंदिर पहुंच गईं. यहां सबसे पहले उन्होंने हरि मंदिर में पूजा अर्चना की. इसके बाद पास ही स्थित दुर्गा मंदिर में गईं और वहां पर पूजा की. इस मंदिर से थोड़ी ही दूर पर स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी ममता बनर्जी गईं और पूजा अर्चना की.
दरअसल, देखा जाए तो ममता बनर्जी ने बेहद चतुराई से हिंदू कार्ड खेला है. ममता बनर्जी को पता है कि नंदीग्राम के 35% मुस्लिम उनके साथ हैं और अगर थोड़ा बहुत मुस्लिम वोट खिसक भी गया तो भी ज्यादातर मुस्लिम वोट उन्हीं को मिलेगा. लेकिन असली सवाल हिंदू वोटों का है. यही वजह है कि चुनाव प्रचार के पहले दिन ही ममता बनर्जी हिंदू कार्ड खेल कर हिंदू वोट बैंक का भरोसा जीतने की कोशिश शुरू कर दी है. हालांकि नंदीग्राम दौरे के पहले दिन ममता बनर्जी ने दरगाह में भी सजदा किया.