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बंगाल में फिर हिंसा, पूर्वी मिदनापुर में भिड़े शुभेंदु अधिकारी और TMC के समर्थक

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लड़ाई एक बार फिर हिंसात्मक हो गई है. पूर्वी मिदनापुर में शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं. हाल ही में में शुभेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं. 

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बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में भिड़े टीएमसी और शुभेंदु अधिकारी के समर्थक
  • पिछले हफ्ते ही टीएमसी छोड़ बीेजेपी में शामिल हुए हैं अधिकारी

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक लड़ाई एक बार फिर हिंसात्मक हो गई है. पूर्वी मिदनापुर में शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं. हाल ही में शुभेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं. 

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बीते हफ्ते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल का दो दिन का दौरा किया था. इस दौरे पर ही 19 दिसंबर को मिदनापुर में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया जहां शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हुए. शुभेंदु के अलावा उनके भाई और कई दूसरे टीएमसी व अन्य पार्टियों के नेता भी बीजेपी के साथ आ गए. अब जबकि टीएमसी के कद्दावर नेता रहे शुभेंदु बीजेपी के पाले में चले गए हैं तो टीएमसी समर्थकों के साथ उनके तकरार भी सामने आने लगे हैं. 

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बंगाल में राजनीतिक हिंसा की यह ताजा घटना शुभेंदु अधिकारी का गढ़ कहे जाने वाले मिदनापुर में ही हुई है. इससे पहले भी शुभेंदु अधिकारी भी अपने ऊपर हमलों की बात करते रहे हैं. हाल ही में जब केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से उन्हें जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई तो उनकी तरफ से बताया गया कि पिछले कुछ वक्त में उनके ऊपर करीब एक दर्जन हमले किए गए हैं.

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नड्डा के काफिले पर हुआ था हमला
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिसंबर के दूसरे हफ्ते में बंगाल का दो दिवसीय दौरा किया था. इस दौरान 10 दिसंबर को जब सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर जा रहे थे तो उसी वक्त उनके काफिले पर हमला हुआ. बीजेपी की तरफ से सीधे टीएमसी पर हमले के लिए आरोप लगाए गए. गृह मंत्री अमित शाह ने तभी ट्वीट कर कहा था कि केंद्र सरकार इस हमले को पूरी गंभीरता से ले रही है. बंगाल सरकार को इस प्रायोजित हिंसा के लिए प्रदेश की शांतिप्रिय जनता को जवाब देना होगा. इसके बाद राज्य के अधिकारियों को केंद्र सरकार ने तलब भी किया जिसे लेकर भी खूब घमासान हुआ.

गौरतलब है कि बीजेपी की तरफ से लगातार ये आरोप लगाए जाते हैं कि बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी से जुड़े लोग गुंडागर्दी करते हैं और बीजेपी के नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले करते हैं. इतना ही नहीं, बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के आरोप भी पार्टी नेताओं की तरफ से सीधे तौर पर टीएमसी के जुड़े लोगों पर लगाए जाते हैं. इन तमाम आरोपों को लेकर बीजेपी राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी कर चुकी है. अब जबकि राज्य में विधानसभा का चुनावी माहौल गरमा चुका है तो ऐसे में राजनीतिक हिंसाओं की ये घटनाएं कानून व्यवस्था को लेकर जरूर सवाल खड़े करेंगी.

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