पश्चिम बंगाल में शनिवार को चौथे चरण के मतदान के दौरान कोच बिहार के सीतलकुची विधानसभा के कई इलाकों में हिंसा हुई, जिसमें दो अलग-अलग जगहों पर 5 लोगों की मौत हो गई. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को उन चार युवकों के परिवार वालों से बात की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं, जो कि सीतलकुची के आम तल्ली गांव में पोलिंग बूथ संख्या 126 पर केंद्रीय पुलिस बल की गोली लगने से मारे गए थे.
ममता बनर्जी के इस कदम के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन पर जमकर हमला बोला, सवाल पूछा कि आखिर धर्म के आधार पर उन्होंने उन चार युवकों के परिवार वालों से ही बात क्यों की जिनकी सीआईएसएफ की गोली लगने से मौत हुई थी और उन्होंने पांचवें युवक आनंद बर्मन के परिवार वालों से अपनी संवेदना क्यों नहीं जताई ?
सोमवार को आज तक की टीम 18 वर्षीय आनंद बर्मन के गांव पठान टोली में पहुंची, जो कि सीतलकुची विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है और बांग्लादेश सीमा से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है. मृतक आनंद बर्मन के परिवार में उनके पिता जगदीश बर्मन और मां बसंती बर्मन समेत एक बड़ा भाई है. आजतक से बातचीत करते हुए आनंद बर्मन के पिता जगदीश बर्मन ने ममता बनर्जी पर सवाल खड़े किए आखिर क्यों उन्होंने चार मृतक युवकों के परिवार वालों से बात करने के साथ-साथ उनसे बात नहीं की ?
मृतक के पिता जगदीश बर्मन ने कहा “ममता बनर्जी ने हम लोगों को फोन नहीं किया क्योंकि हम लोग बीजेपी के समर्थक हैं. मेरा बेटा तृणमूल और बीजेपी की झड़प में गोली लगने से मारा गया. मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और जिसने भी उसको गोली मारी है उसको गिरफ्तार किया जाना चाहिए”,
जगदीश बर्मन ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने मतदान केंद्र पर बमबाजी की और उसके बाद उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी. जगदीश बर्मन ने कहा “हम लोग अब ममता बनर्जी से बात नहीं करना चाहते हैं. हमें सिर्फ न्याय चाहिए." बहरहाल, आनंद बर्मन के गांव में तनाव की स्थिति है और परिवार के लोग तृणमूल के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.