पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार में घायल होने के बाद राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. इस मामले में टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग (EC) से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की. वहीं इस मामले को लेकर रविवार को आयोग ने विशेष बैठक बुलाई. जिसके बाद नंदीग्राम मामले पर EC ने एक्शन लेते हुए CM ममता बनर्जी के सिक्योरिटी डायरेक्टर को पद से हटा दिया है.
इसके अलावा ईस्ट मिदनापुर के डीएम और एसपी पर एक्शन लिया गया है. डीएम विभु गोयल का तत्काल प्रभाव से तबादला कर गैर चुनावी पद पर तैनात करने का निर्देश दिया गया. गोयल की जगह 2005 बैच की आईएएस अधिकारी स्मिता पांडे लेंगी.
वहीं, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त चाक चौबंद रखने में नाकाम माने गए ईस्ट मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक यानी एसपी प्रवीण प्रकाश को भी तत्काल प्रभाव निलंबित किया गया. प्रवीण की जगह 2009 बैच के आईपीएस सुनील यादव कमान संभालेंगे.
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को ये आगाह किया है कि सीएम ममता मामले में दर्ज एफआईआर की जांच निर्णायक हो. साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी कर्मियों को सख्त सजा मिले. आयोग ने पंजाब के खुफिया विभाग के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार शर्मा को स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर बनाया है.
शर्मा राज्य की विधान सभा चुनाव का इंतजाम देखने वाले दूसरे स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर होंगे. अब तक आयोग ने पूर्व आईपीएस अधिकारी विवेक दुबे को स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर बनाया हुआ है.
यही नहीं चुनाव आयोग ने मामले की जांच अगले 15 दिनों में पूरी करने और 31 मार्च तक चुनाव आयोग को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. फिलहाल, आयोग ने पूर्व डीजीपी इंटेलिजेंस पंजाब, अनिल कुमार शर्मा को बंगाल चुनाव के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
बता दें कि इससे पहले आयोग की बैठक में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की उच्च स्तरीय समिति बनाई गई. समिति को इस मामले की जांच कर जल्द जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा गया.
विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्यमंत्री सहित पश्चिम बंगाल के वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था के निदेशक विवेक सहाय का रवैया भी विचित्र, गैर जिम्मेदाराना और लचर दिखा था. वो खुद वीवीआईपी के लिए तैनात बुलेटप्रूफ वाहनों में घूमते हैं और ममता बुलेटप्रूफ के बजाय साधारण वाहन में. ऐसे में नंदीग्राम मामले पर EC ने एक्शन लेते हुए CM ममता बनर्जी के सिक्योरिटी डायरेक्टर को पद से हटा दिया.
रिपोर्ट के अनुसार सीएम ममता बनर्जी भी अक्सर सुरक्षा व्यवस्था की कोई परवाह नहीं करतीं और प्रोटोकॉल तोड़ती रहती हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़ी कभी भी और कैसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका बनी रहती है. निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा निदेशक विवेक सहाय के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश राज्य प्रशासन से की थी.
वहीं निर्वाचन आयोग इस घटना के बाद स्टार प्रचारकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मानक प्रोटोकॉल को लेकर एहतियाती निर्देशिका जारी करने पर भी विचार कर रहा है. इन निर्देशों का स्टार प्रचारकों को सख्ती से पालन करना होगा.
सीएम ममता के साथ हुई घटना में प्रशासन की लापरवाही, सुरक्षा के लचर इंतजाम और अधिकारियों की मनमानी के सबूत मिलने के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा है कि अगर भविष्य में चुनावों के दौरान ऐसी घटनाएं होती हैं तो उस जिले के डीएम और एसपी फौरन हटाए जाएंगे. यानी ये घटना भविष्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भय चुनाव व्यवस्था के लिए मील का पत्थर जरूर बन सकती है.