पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. चुनाव आयोग ने डीजीपी वीरेंद्र का तबादला कर दिया है. आयोग ने वीरेंद्र की जगह 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरजनयन को नियुक्त करने के आदेश दिए हैं. बंगाल में 27 मार्च से 8 चरणों में विधान सभा चुनाव होने जा रहे जा रहे हैं.
इन चुनावों से ऐन पहले राजनीतिक हलचल के साथ प्रशासनिक उलटफेर भी हो रहे हैं. अफसरों के व्यवहार बरताव पर पुख्ता सूचना मिलते ही निर्वाचन आयोग फौरन सख्ती दिखा रहा है. निर्वाचन चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि तबादला होने के बाद भी वीरेंद्र को चुनाव से जुड़ी कोई भी जिम्मेदारी ना दी जाए.
चुनाव आयोग ने इसके साथ ही सीबीडीटी को भी ये निर्देश दिया है कि वह तमिलनाडु में सेवारत आईआरएस अधिकारी केजी अरुण राज का तबादला कर उनको तत्काल प्रभाव से सीबीडीटी मुख्यालय में भेजे.
बता दें कि बंगाल की कुल 294 सीटों पर इस बार 8 चरणों में मतदान होना है. पहले चरण के लिए 27 मार्च को मतदान होगा. इनके बाद 1, 6, 10, 17, 22, 26, 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. जबकि 2 मई को अन्य राज्यों के साथ ही बंगाल का रिजल्ट आएगा.
दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल को होगा, इसके तहत 30 सीटों पर लोग वोट डालेंगे. तीसरे चरण में 31 सीटों, चौथे चरण में 44 सीटों, 5वें चरण में 45 सीटों, छठे चरण में 43 सीटों, 7वें चरण में 36 सीटों और आखिरी और 8वें चरण में 35 सीटों पर वोटिंग होगी.
ममता-शुभेंदु में लड़ाई
बीजेपी ने पहले दो चरणों के चुनाव के लिए 57 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी के सामने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी को टिकट गया है. वहीं क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा को बीजेपी ने मोयना सीट से मैदान में उतारा है.