
आने वाले दिनों में एक सप्ताह के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर जाने वाले हैं. दोनों की यात्राओं का उद्देश्य अलग अलग है, लेकिन बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ये दो वीआईपी यात्राएं वहां का राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाली हैं.
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती में शामिल होने बंगाल जा रहे हैं. 23 जनवरी को नेताजी की 125वीं जयंती है. केंद्र सरकार ने इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है.
23 जनवरी को प्रधानमंत्री सबसे पहले कोलकाता में नेशनल लाइब्रेरी का दौरा करेंगे. यहां पर वे कई कलाकारों से रू-बरू होंगे. यहां कई कलाकार नेताजी का पोर्ट्रेट बनाएंगे.
यहां से पीएम मोदी विक्टोरिया मेमोरियल जाएंगे, इस मेमोरियल में पीएम मोदी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे. ये संग्रहालय आम जनता के लिए साल भर खुला रहेगा, यहां पीएम मोदी का संबोधन का भी कार्यक्रम है.
बता दें कि जहां केंद्र नेताजी के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मना रही है, वहीं टीएमसी इस दिन को देशनायक दिवस के रूप में मना रही है.
पीएम मोदी का कार्यक्रम भारत सरकार का आधिकारिक कार्यक्रम है तो इसके मात्र 7 दिन बाद 30 जनवरी को गृह मंत्री अमित शाह बंगाल में राजनीतिक कार्यक्रम में शिरकत करने जाएंगे.
बता दें कि बीजेपी बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है.
अमित शाह 30 जनवरी को नादिया जिले में मायापुर का दौरा करेंगे. इसके बाद वे उसी दिन उत्तरी 24 परगना में ठाकुरनगर जाएंगे, ये शहर बांग्लादेश के बॉर्डर से नजदीक है.
31 जनवरी को उल्बेरिया में अमित शाह का रोड शो है. इसके बाद हावड़ा में अमित शाह एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे.