मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी रहे पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने हाल ही में इंडियन सेक्यूलर फ्रंट (आईएसएफ) नाम से सियासी पार्टी बनाने का ऐलान किया था. इतना ही नहीं उनकी पार्टी ने कांग्रेस और वाम मोर्चा (वामो) के साथ गठबंधन की भी बात कही थी. ऐलान के बाद रविवार को पहली बार लेफ्ट फ्रंट की बैठक हुई. सभी पार्टियों ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश के लिए ममता बनर्जी का विकल्प उनका फ्रंट ही है. सीटों के बंटवारे को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. कांग्रेस या लेफ्ट ने इस मुद्दे को लेकर अब तक चुप्पी साध रखी है.
हालांकि पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि लेफ्ट फ्रंट ने उसकी 30 सीटों की मांग मान ली है. उन्होंने कहा हमलोग अपना अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं. पार्टी की तरफ से अब तक लेफ्ट की बात तो की गई है लेकिन कांग्रेस के साथ संबंधों को लेकर कुछ नहीं कहा गया है.
बैठक के बाद आजतक से बात करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि हम लोग मानवता के लिए चाहते हैं कि वोट का बंटवारा ना हो. लेफ्ट से हमारी बात हो चुकी है. हमने कांग्रेस से भी स्पष्ट करने को कहा है अगर वो भी गठबंधन में बने रहना चाहते हैं तो. लेफ्ट के साथ हमारा गठबंधन रहेगा. हमलोग अब भी असदुद्दीन ओवैसी से बात कर रहे हैं. अगर हमलोगों के बीच सहमति बनती है तो आपको बताएंगे.
गौरतलब है कि पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने नया राजनीतिक दल बनाने का ऐलान करने से पहले ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात की थी. ओवैसी भी पहले ही बंगाल के चुनावी रण में उतरने का ऐलान कर चुके हैं.
पार्टी बनाने से पहले पीरजादा की ओवैसी से मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि आईएसएफ और एआईएमआईएम गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. बता दें कि पीरजादा अब्बास की गिनती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबियों में होती थी. हुगली जिले में स्थित फुरफुरा शरीफ दरगाह का पूरे दक्षिण बंगाल में अच्छा प्रभाव माना जाता है.
बता दें कांग्रेस और वाम दलों के साथ अब्बास सिद्दीकी की पार्टी आईएसएफ भी गठबंधन का हिस्सा है. इसी महीने कांग्रेस और वामो के साथ आईएसएफ के गठबंधन को लेकर बैठक हुई. इस बैठक में अब्बास सिद्दीकी ने गठबंधन में शामिल होने को लेकर प्राथमिक सहमति जता दी.
इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आईएसएफ से गठबंधन का ऐलान कर दिया. कांग्रेस नेता चौधरी ने कहा कि अभी राष्ट्रीय जनता दल जैसे कई दल गठबंधन में शामिल होंगे.