पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस से बीच तीखी जंग चल रही है. एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. मंगलवार को तीसरे चरण का मतदान होना है, लेकिन उससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया है.
पीएम मोदी अपनी चुनावी सभाओं में ममता बनर्जी पर तंज कसने के लिए ‘दीदी...ओ दीदी’ का प्रयोग करते हैं. अब तृणमूल कांग्रेस ने इसको महिलाओं के सम्मान के साथ जोड़ दिया है और कहा है कि पीएम मोदी का इस तरह ममता बनर्जी को बुलाना अपमानजनक है.
पूरा विवाद आखिर क्या है ?
दरअसल, बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर चरण के पहले दो से तीन रैली कर रहे हैं. इनमें पीएम मोदी के निशाने पर ममता सरकार रहती है, अपनी रैलियों में पीएम मोदी ने कई बार ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए ‘दीदी...ओ दीदी’ कहा है. प्रधानमंत्री का रैलियों में ममता बनर्जी पर यूं तंज कसना भले ही वहां मौजूद समर्थकों को भाता हो, लेकिन तृणमूल कांग्रेस इससे खफा हो गई है.
कोलकाता में बीते दिन टीएमसी की महिला नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस शैली के साथ ‘दीदी... ओ दीदी’ कहते हैं, वो गलत है और महिलाओं के लिए अपमानजनक है.
टीएमसी के आरोप, बीजेपी का पलटवार
बंगाल सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा कि एक प्रधानमंत्री से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती है, वो जिस टोन में बात कर रहे हैं वो एक मुख्यमंत्री, बंगाल की महिलाओं के लिए सही नहीं है. उनके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पीएम मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों को सड़क छाप भाषा करार दिया, तो वहीं डेरेक ओ ब्रायन ने भी उन्हें घेरा.
हालांकि, बीजेपी की ओर से टीएमसी के इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया गया है. खुद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने टीएमसी पर पलटवार किया और कहा कि टीएमसी अपना आपा खो चुकी है, इसी वजह से ऐसे आरोपों को लगा रही है.
गौरतलब है कि ममता बनर्जी सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में ममता दीदी के नाम से जानी जाती हैं. ऐसे में इसी मसले पर पीएम मोदी द्वारा किए जा रहे तंज को लेकर टीएमसी खफा है. बंगाल में दो चरणों के चुनाव हो चुके हैं, तीसरे चरण के लिए 6 अप्रैल को वोटिंग है. ऐसे में दो मई को जब नतीजे आएंगे, उससे पहले दोनों पार्टियों में ऐसी जंग जारी रह सकती है.