कोरोना महामारी के बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार जारी है. कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. जिसमें बीजेपी, टीएमसी समेत अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक के बाद टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी ने बंगाल में बाकी चरणों के चुनाव एक साथ कराने की मांग की.
CEO की बैठक से निकलने के बाद टीएमसी नेता ने कहा कि हम मानव जीवन को महत्व देते हैं. लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन जीवन की रक्षा भी की जानी चाहिए. हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि तीन चरणों के चुनाव को क्लब करके कराया जाना चाहिए. T
MC नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि टीएमसी की स्थिति स्पष्ट है, हम चाहते हैं कि शेष चुनाव एक चरण में हों. मैं बीजेपी से अनुरोध करता हूं कि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें.
वहीं बीजेपी नेता स्वपन दास गुप्ता ने कहा कि हमने चुनाव आयोग को सुरक्षा मानदंडों के साथ चुनाव को संतुलित करने की सलाह दी है. अब चुनाव आयोग को यह बताना है कि राजनीतिक दलों को वास्तव में क्या करना चाहिए. हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि हम सभी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे.
BJP ने चुनाव आयोग को बताया कि राज्य के 61% उम्मीदवारों (5 वें चरण तक) को अधिकार दिया गया है, तो शेष 39% को भी दिया जाना चाहिए. पश्चिम बंगाल चुनावों को बाकी की मांगों के अनुसार आयोजित किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि एकतरफ देश में कोरोना का कहर जारी है, तो दूसरी तरफ बंगाल में चुनाव प्रचार उफान पर है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी कुछ दिन पहले चुनावी रैलियों में कोरोना नियमों के पालन का आदेश दिया था.
उधर सीएम ममता बनर्जी भी बंगाल में बाकी के चुनाव को एक ही चरण में कराए जाने की मांग कर चुकी हैं. ऐसे में अब देखना होगा कि चुनाव आयोग क्या फैसले लेता है.
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