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पश्चिम बंगाल के चुनाव में जानें कितना असरदार होगा किसान आंदोलन, टिकैत की पंचायत से होगा तय

पश्चिम बंगाल का चुनावी घमासान शुरू हो चुका है. सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी है. बंगाल के चुनावी रण में संयुक्त किसान मोर्चा की भी एंट्री हो गई है. बीजेपी को निशाना बनाते हुए कोलकाता और नंदीग्राम में राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगे. 

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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नंदीग्राम, सिंगूर में किसान पंचायत 
  • सभी दलों ने चुनाव में झोंकी ताकत
  • राकेश टिकैत कर रहे हैं पंचायत

पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में संयुक्त किसान मोर्चा भी कूद पड़ा है. बीजेपी के विरोध में आज कोलकाता और नंदीग्राम में राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगे. ऐसे में सवाल ये है कि जिस किसान आंदोलन में बंगाल के किसानों ने हिस्सा नहीं लिया, उसका बंगाल के चुनाव पर क्या असर पड़ेगा.

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दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में बंगाल के किसानों की हिस्सेदारी नहीं के बराबर रही. उसकी दो प्रमुख वजहें रहीं. एक वजह यह रही कि यहां पर एमएसपी मुद्दा नहीं है, दूसरा यहां बड़े किसान नहीं हैं. ऐसे में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर पनपा आंदोलन बंगाल में अपनी पैठ नहीं बना पाया.

नंदीग्राम और सिंगूर में होगी महापंचायत

इसी वजह से संयुक्त किसान मोर्चा का बंगाल में अपना बहुत बड़ा वजूद नहीं है. ऐसे में नंदीग्राम में संयुक्त किसान मोर्चा की सभा की जिम्मेदारी अंदरूनी तौर पर तृणमूल कांग्रेस के ऊपर ही है. खास बात यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बंगाल के सबसे प्रमुख  आंदोलनों की जगह नंदीग्राम और सिंगूर में महापंचायत की जाएगी.

इन दोनों आंदोलनों ने दिलाई थी ममता को सत्ता

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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के सबसे प्रमुख आंदोलनों में से एक नंदीग्राम और दूसरा सिंगूर रहा था. किसानों की जमीन अधिग्रहण के खिलाफ शुरू हुए यह दोनों आंदोलन दरअसल चुनाव आते-आते किसान का मुद्दा कम किसानों के पक्ष में खड़ी होने वाली ममता बनर्जी की लहर का मुद्दा ज्यादा बन चुका थे. जिसका सीधा फायदा ममता बनर्जी को हुआ.

माना जाता है कि यही वजह रही कि 2011 के चुनाव में ममता ने बंगाल में 34 वर्षों के वाम शासन को पराजित कर गद्दी संभाली. ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा का यह प्रयास कितना प्रभावी होगा, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है.

 

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