पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख नजदीक है. लिहाजा, चुनाव प्रचार भी पूरी स्पीड के साथ चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं. शनिवार को उन्होंने खड़गपुर में रैली की और अपने भाषण में पीएम मोदी ने बीजेपी को बंगाल की असली पार्टी बताया. पीएम मोदी के संबोधन के बाद टीएसपी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए मोदी पर निशाना साधा.
ममता बनर्जी के बाहरी वाले आरोपों को चोट पहुंचाते हुए पीएम मोदी ने रैली के दौरान कहा कि, जनसंघ के जनक इसी बंगाल के सपूत थे, इसलिए अगर यहां सही अर्थ में कोई बंगाल की पार्टी है तो वो है बीजेपी. बीजेपी के डीएनए में आशुतोष मुखर्जी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का आचार, विचार, व्यवहार और संस्कार है.
पीएम मोदी के इस बयान पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने तंज भरे अंदाज में कहा कि बीजेपी राजनीतिक पार्टी है? ममता ने बीजेपी नेताओं पर वार करते हुए कहा कि ये डरावने लोग हैं, ये लोग दंगा कराने, लोगों को मारने, बलात्कार करने में शामिल हैं. बीजेपी की महिला नेता खुद पार्टी में सुरक्षित नहीं हैं. बीजेपी देश की सबसे बड़ी टोलबाज है. शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए बिना उनका नाम लिए ममता बनर्जी ने कहा कि उनसे बड़ा टोलबाज कौन होगा. वह अपने पैसा बचाने के लिए बीजेपी में शामिल हो गए. जितने सीपीआईएम के गुंडे हैं सब बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.
पीएम मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर बंगाल को बर्बाद करने का भी आरोप लगाया. इस पर पलटवार करते हुए ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी और पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी है. ये लोग सबकुछ बेच रहे हैं. ट्रेन, बैंक ये लोग हल्दिया पोर्ट भी बेच देंगे. लेकिन हम लोग बीजेपी को बंगाल में घुसने नहीं देंगे. ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम केयर्स के नाम पर इन लोगों ने करोड़ों रुपये लिए लेकिन अब भी लोगों को मुफ्त में वैक्सीन नहीं मिल रही है.
इन लोगों ने बिहार में लोगों को फ्री में वैक्सीन देने का वादा किया था लेकिन अभी तक किसी को फ्री वैक्सीन नहीं मिली. टीएमसी सरकार की तारीफ करते हुए ममता ने कहा कि हमने प्रावसियों को बाहर से अपने राज्य वापस लाया. हमने लोगों के ट्रेन का किराया चुकाया. इन लोगों ने असम में 14 लाख लोगों को बाहर किया है. बंगाल में भी ये लोग ऐसा ही करेंगे. हम बंगाल में एनपीआर की अनुमति कभी नहीं देंगे. बीजेपी ने किसानों की जमीन छीनने के लिए तीन कृषि कानून भी बनाए हैं.