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बिहार विधानसभा चुनाव

Darbhanga के इस वार्ड में लगा ‘नेताओं का प्रवेश निषेध’ का बैनर, इसलिए लोगों में गुस्सा

20 वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोग.
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बिहार के जिला दरभंगा में वार्ड 17 के लोगों ने ‘नेताओं का प्रवेश निषेध’ का बैनर लगा दिया है. किसी भी पार्टी के नेता को मोहल्ले में घुसने की अनुमति नहीं है. इन लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं को जनता की याद आती है. पांच साल तक हम विकास कार्यों के लिए इन नेताओं के चक्कर लगाते हैं. नेताओं के दरवाजे जिस तरह से जनता के लिए बंद होते हैं, उसी तरह अब हमने नेताओं के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं. (इनपुट-प्रहलाद कुमार)

किसी भी दल के नेता की एंट्री पर लगाई गई रोक.
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इसलिए फैला आक्रोश
दरअसल दरभंगा शहर के वार्ड नम्बर 17 के कटरहिया गांधी नगर के लोग वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं. लोगों का कहना है कि न जाने कितनी बार नेताओं के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. हालत ये है कि सड़कों पर लंबे समय से भरे पानी से दुर्गंध आने लगी है. 

20 वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोग.
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बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. नेता जीतने के बाद जनता की ओर नहीं देखते हैं, उन्हें बस मतदान से पहले जनता की याद आती है. यहां के रहने वाले अमन सक्सैना ने कहा कि 20 वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं. पानी निकासी के लिए पिछले दो वर्ष से नाले का निर्माण चल रहा है, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है. 

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20 वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोग.
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झूठे वादे करते हैं नेता 
यहां के रहने वाले मृत्युंजय कुमार ने कहा कि बारिश के समय में ये पूरा एरिया तालाब बन जाता है. सड़कों पर घुटनों से अधिक पानी होता है. ऐसे में किसी वाहन का गुजरना तो दूर, लोग यहां से पैदल नहीं निकल पाते हैं. क्षेत्र की इस बड़ी समस्या को लेकर कई बार नेताओं से मिलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. 

किसी भी दल के नेता की एंट्री पर लगाई गई रोक.
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लिखित में शिकायत भी की गई, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था. पांच साल तक नेताओं के दरवाजे जनता के लिए बंद दिखाई दिए, तो अब जब बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में नेताओं को जनता की जरूरत है, तो हमने अपने घर के दरवाजों को बंद कर लिया है.

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