बिहार के विधानसभा चुनाव में इस बार चुनावी सभा के दौरान मंच टूटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कुछ घटनाओं के वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल भी हुए हैं. सवाल ये उठता है कि जिन चुनावों में नेताओं के पैरों तले जमीन खिसका करती थी, वहां अब मंच क्यों खिसक रहे हैं? जानें अब तक कौन-कौन से नेताओं के पैरों तले खिसक चुके हैं मंच.
पप्पू यादव का चुनावी मंच टूटने की सबसे ताजा घटना 31 अक्टूबर की है. मुजफ्फरपुर के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव का हाथ इस दुर्घटना में फ्रैक्चर हो गया. पप्पू यादव यहां जाप की प्रत्याशी बीना यादव के चुनाव प्रचार के लिए एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे. मंच पर जरूरत से ज्यादा नेता और समर्थक जमा हो गए थे. नतीजा मंच भरभराकर गिर गया. इस दुर्घटना में 52 वर्षीय पप्पू यादव के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर बताया गया है. उन्हें हेलिकॉप्टर से पटना इलाज के लिए ले जाना पड़ा.
पश्चिमी चंपारण के बागही देवराज क्षेत्र में भी 29 अक्टूबर को मंच टूटने की घटना घटी. यहां कांग्रेस के नेता एवं मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी पार्टी नेता अखिलेश सिंह के साथ चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. इमरान व अखिलेश के साथ मंच पर क्षमता से ज्यादा लोग जमा हो गए थे. जैसे ही इमरान प्रतापगढ़ी ने अपनी रचना 'एक वादे को निभाने को...' सुनाना शुरू किया, मंच एक तरफ झुकने लगा. लोग खुद को संभाल पाते थे तब तक मंच धराशाई हो गया. इस दुर्घटना में मंच पर मौजूद लगभग सभी नेताओं को अंदरुनी चोटें आईं. इस घटना वीडियो काफी वायरल हुआ.
जिन्ना की तस्वीर मामले में चर्चा में आए कांग्रेस प्रत्याशी मशकूर अहमद उस्मानी के मंच टूटने की घटना का वीडियो इस चुनाव के सबसे वायरल वीडियो में से एक बन चुका है. इसकी वजह थी मंच टूटने से पहले उस्मानी का भाषण, जिसकी टाइमिंग मंच टूटने से कुछ ऐसी मेल खाई कि लोग हंस पड़े. ये घटना 29 अक्टूबर को दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र में हुई. मंच टूटने से पहले मशकूर उस्मानी अपने भाषण में कहते नजर आ रहे थे कि जनता को सरकार चुनने का मौका मिलता है. लोकतंत्र में लोग जानते है किसको कब उठाना है और कब गिरा देना है. जैसे ही मशकूर गिरा देना कहते हैं वैसे ही मंच धराशाई हो गया. इस वीडियो में भी साफ दिखा कि मंच पर क्षमता से ज्यादा लोग मौजूद थे.
सोनपुर के परसा विधानसभा क्षेत्र में मंच टूटने की ये संभवत: इस बार के चुनाव की पहली घटना थी जिसमें लालू यादव के समधी और जदयू के उम्मीदवार चंद्रिका राय हादसे का शिकार हुए. ये घटना 16 अक्टूबर को घटी. इसके वीडियो में नजर आया कि मंच से जैसे ही चंद्रिका राय को माला पहनाने की घोषणा हुई तो मंच पर मौजूद लोगों में हलचल हुई और मंच टूट गया. इस घटना में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी बाल-बाल बचे. बताया जाता है कि दुर्घटना से कुछ ही देर पहले वह मंच छोड़ कर प्रचार के लिए कहीं और निकल गए थे.
वैशाली के महनार विधानसभा क्षेत्र में मंच टूटने की एक घटना 20 अक्टूबर को हुई. यहां लोजपा प्रत्याशी रवीन्द्र सिंह अपने क्षेत्र में क्रिकेट मैच के समापन समारोह में पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. दरअसल ये पुरस्कार वितरण से ज्यादा चुनावी सभा थी. रवीन्द्र सिंह के समर्थक बड़ी संख्या में यहां मौजूद थे जो मौका देख मंच पर चढ़ते जा रहे थे. नतीजा मंच अचानक से टूटा और उस पर बैठे लोग जमीन पर आ गिरे.
रक्सौल में चुनाभी सभा की घटना भी एकदम ताजा, 31 अक्टूबर की है. इस घटना में मंच तो नहीं टूटा, अलबत्ता भोजपुरी सिंगर और एक्टर दिनेश लाल यादव निरहुआ को देखने उमड़ी भीड़ के दबाब से पंडाल ही धराशाई हो गया. ये घटना रक्सौल जिले की है. भाजपा के स्टार प्रचार निरहुआ यहां पार्टी के प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिन्हा के समर्थन में चुनावी रैली करने पहुंचे थे. अम्बेडकर बस स्टैंड मैदान में आयोजित इस सभा में पंडाल की क्षमता से ज्यादा लोग पहुंचे गए थे जिसकी वजह से अफरातफरी हुई और पंडाल टूट गया.