अपनी नवगठित प्लूरल्स पार्टी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी करने वाली युवा नेता पुष्पम प्रिया चौधरी मंगलवार को राजभवन कूच के वक्त हिरासत में ली गईं. इसके साथ ही वह एक बार फिर सुर्खियों में आ गईं. दरअसल पुष्पम को हिरासत में लिए जाने के पीछे की वजह थी उनकी मांग, जिसमें उन्होंने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की बात कही है. इस मांग के पीछे का उनका तर्क भी अनूठा है. आइये जानते हैं कि पुष्पम प्रिया बिहार में राष्ट्रपति शासन क्यों चाहती हैं.
पुष्पम प्रिया बिहार में नीतीश कुमार के शासन को बार-बार जंगलराज-2 का नाम देती हैं. उनका कहना है कि एक जंगलराज लालू यादव के शासनकाल में था जबकि दूसरा जंगलराज नीतीश कुमार के शासन में है. हाल में हुई शिवहर में एक प्रत्याशी की हत्या तथा एक अन्य घटना में एक उम्मीदवार पर जानलेवा हमले को वह जंगलराज-2 की झलकियां बताती हैं.
पुष्पम प्रिया का कहना है कि इस जंगलराज-2 में निपक्ष चुनाव की कल्पना नहीं की जा सकती. इसलिए बिहार में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए और तब चुनाव आयोजित कराए जाने चाहिए. पुष्पम प्रिया का तर्क है कि पहली बार का जंगलराज भी राष्ट्रपति शासनकाल में हुए चुनाव से ही खत्म हुआ था. वरना उसके पहले के चुनाव में निष्पक्षता नहीं रहती थी.
पुष्पम का कहना है कि नीतीश के शासन में भी शांतिपूर्ण और निपक्ष चुनाव संभव नहीं है. मंगलवार को पुष्पम प्रिया इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए राजभवन जाना चाहती थीं लेकिन उन्हें रोका गया. यहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था.