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बिहार विधानसभा चुनाव

Gaya: विरोध का अनोखा तरीका- खेतों में नेताओं के लिए लगाया बिजूका

Gaya Scarecrow in the fields giving special message to the leaders
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खेतों में बिजूका इसलिए लगाया जाता है ताकि पक्षी फसलों को नुकसान न पहुंचा सकें, लेकिन गया के वजीरजगंज विधानसभा क्षेत्र के खेतों में लगे बिजूका नेताओं के लिए लगाया गया है. ताकि वो उनकी मांगों की तरफ ध्यान दे सकें. मांग भी बेहद अत्याधुनिक और वाजिब है, जिसकी जरूरत पूरे देश को है...मांग है सौर ऊर्जा की. आइए जानते हैं कि आखिर कहानी क्या है? (इनपुट- पंकज कुमार)

Gaya Scarecrow in the fields giving special message to the leaders
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खेतों में बिजूका इसलिए लगाया गया है ताकि गांव में जो भी नेता आए वो किसानों की मांग को समझ सके और उसे पूरा करे. क्योंकि गांव में अब अक्षय ऊर्जा (सौर ऊर्जा) के बिना खेती करना संभव नहीं है. गया के करजरा गांव के खेतों में खड़े बिजूका (पुतले) उन प्रत्याशियों के लिए लगाए गए हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान गांव में आएंगे. खेतों में खड़े पुतलों में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर तख्ती को भी लटकाया है. ग्रामीणों ने बताया कि अक्षय ऊर्जा की मांग लंबे समय से की जा रही है. 

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गांव में बिजली ही सिंचाई का एक मात्र साधन है. वहीं बारिश कब हो कोई भरोसा नहीं होता है, ऐसे में फसलें बिना सिंचाई के खराब हो जाती हैं. वहीं गांव में आने वाली बिजली से सिंचाई कर पाना संभव नहीं है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बहुत कम होती है. 

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गांव में सीड संस्था से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि अक्षय ऊर्जा के प्रति जिले के कई गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि ग्रिड बिजली का उपयोग कम कर सौर ऊर्जा के माध्यम से किसानों को लाभ मिल सके. 

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ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव आ चुका है. ऐसे में प्रत्याशियों की गांव में दौड़ शुरू होने जा रही है. इन प्रत्याशियों तक अपनी बात आसानी से पहुंचाने के लिए बिजूका को सहारा बनाया गया है. गांव के एक दो नहीं, बल्कि कई खेतों में बिजूका लगाकर ग्रामीणों ने अपनी मांग की तख्ती इन पर लटका दी है, जिससे गांव में आने वाले प्रत्याशी इन्हें देखकर गांव वालों की समस्या समझ सकें.

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