बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए कोरोना पहले से ही एक बड़ी चुनौती है और अब मौसम विभाग से आ रही ये खबर एक बड़ी टेंशन है. पहले कोविड 19 से निपटना, फिर बाढ़ के चलते पानी में डूबे 2000 बूथ और अब भारत के मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने कहा कि मॉनसून फिर से दस्तक दे रहा है. ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव का हिसाब-किताब बिगड़ सकता है. बिहार में 28 अक्टूबर, तीन व सात नवंबर को मतदान होना है.
बढ़ा दी गई बूथों की संख्या
कोरोना के कारण बिहार में बूथों की संख्या में 62.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 2015 में 65,367 बूथ थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर अब 1 लाख छह हजार 526 कर दी गई है. इसके बाद भी बाढ़ से प्रभावित 16 जिलों के 2000 बूथ ऐसे हैं, जिन पर चुनाव कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. क्योंकि ये बूथ बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूबे हुए हैं.
मतदान होने तक पानी कम भी जाता है, लेकिन मौसम विभाग से खबर ये आ रही है, कि मॉनसून फिर से लौट रहा है. ऐसे में चुनाव पर एक बार फिर बारिश का संकट मंडराने लगा है. सवाल ये है कि यदि एक बार फिर झमाझम बारिश होती है, तो मतदान कहां और कैसे होगा?
ये जिले बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ प्रभावित 16 जिलों में 7 सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी में दो फेज (दूसरे व तीसरे) में चुनाव होगा. शेष 9 जिलों में से शिवहर, गोपालगंज, खगड़िया, सारण व सिवान में दूसरे चरण में एक ही दिन और सुपौल, किशनगंज, मधेपुरा और सहरसा में तीसरे चरण में एक दिन में चुनाव होगा.
मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी
India Meteorological Department ने कहा कि देश के कई राज्यों में मॉनसून लौट रहा है. बिहार के साथ ही उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सो में बारिश की संभावना व्यक्त की गई है. आईएमडी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में low pressure area बना हुआ है, जिसके कारण मॉनसून की वापसी हो रही है.