बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक चुका है. इस बीच अपनी मांगों को लेकर मतदाताओं ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है. समस्तीपुर में स्कूल अपग्रेड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ करीब 1600 से अधिक मतदाताओं ने वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग के गलत नीतियों के कारण ऐसा फैसला लेने पर मजबूर हुए हैं. (रिपोर्टः जहांगीर आलम)
समस्तीपुर के वारिसनगर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोगलानी चक को उच्च विद्यालय का दर्जा देने के बाद दूसरे विद्यालय को अपग्रेड करने का है. सरकार ने उक्त विद्यालय को उच्च विद्यालय के लिए सूचीबद्ध करते हुए 16 लाख 64 हजार की लागत से क्लास रूम का निर्माण करवाया. उद्घाटन होने से पहले सीएम के नाम का शिलापट्ट भी लगाया गया. लेकिन ऐनवक्त पर जब उद्घाटन का समय तय हुआ. तब शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोगलानी चक के बदले मध्य विद्यालय रायपुर को उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सूचीबद्ध कर उद्घाटन करवा दिया.
इसी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. वे शिक्षा मंत्री से लेकर सभी जगह गुहार लगाने के बाद थक हार कर विधानसभा चुनाव में वोट बहिष्कार करने का मन बना लिया है. काफी संख्या में मतदाता अपने हाथों में बैनर-पोस्टर लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं. साथ ही ये नारा भी लगा रहे हैं कि स्कूल अपग्रेड नहीं तो वोट नहीं.
वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र के रायपुर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोगलानी चक का चयन माध्यमिक उच्च विद्यालय के रूप में 16 सितंबर 2019 में ही किया गया था. इसके लिए राज्य सरकार ने भवन निर्माण के लिए 16 लाख 64 हजार राशि की स्वीकृति भी दी थी. साथ ही इस विद्यालय के प्राध्यापक से लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया था. लेकिन जिला शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने सुरक्षा और छात्रों की संख्या का हवाला देकर उत्क्रमित मध्य विद्यालय रायपुर को उच्च विद्यालय के रूप में चयनित कर लिया गया.