बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए बनाया गया मतदान केंद्र चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मतदान केंद्र के शिक्षा एक्सप्रेस में सवार होकर मतदाता राजनीति के सही प्लेटफॉर्म का फैसला करेंगे. दूसरे चरण में होने वाले चुनाव में 3 नवंबर को विभूतिपुर विधानसभा के प्लेटफॉर्म से चुनाव एक्सप्रेस पर सवार होकर मतदाता अपने वोट का उपयोग कर बिहार की नई सत्ता लाएंगे. (इनपुट- जहांगीर आलम)
दरअसल, समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय में ट्रेन की तर्ज पर बनाया गया मतदान केंद्र लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. ये संभव हो सका है मध्य विद्यालय राघोपुर के शिक्षकों की बदौलत, जिन्होंने लॉकडाउन के समय में अपने सीमित संसाधनों से स्कूल को एक ट्रेन का स्वरूप दिया.
इस विद्यालय को संवारने में अहम भूमिका रिटायर्ड हो चुके प्रधानाध्यापक हरेकृष्ण ईश्वर की रही, जो अभी तक इस विद्यालय में अपना योगदान देते आ रहे हैं. इस सरकारी स्कूल की दीवारों को दो तरह की ट्रेन का स्वरूप दिया गया है, एक ओर 'गरीब रथ' की तर्ज पर शिक्षा रथ एक्सप्रेस. वहीं दूसरी तरफ संकुल एक्सप्रेस बनाया गया है.
इस मतदान केंद्र पर 1855 मतदाता वोट करेंगे. ट्रेन के आकार में बनाए गए इस मतदान केंद्र पर दो बूथ हैं. बाएं भाग पर 864 और दाएं भाग पर 991 वोटर हैं. राघोपुर के इस स्कूल में कुल 22 क्लास रूम हैं, जिसको शिक्षा रथ एक्सप्रेस के रूप में बनाया गया है.
इसमें ट्रेन की बोगियों की तरह अलग-अलग क्लास रूम पर नंबर डाले गए हैं. जिस तरह गरीब रथ एक्सप्रेस में G1 से G22 तक बोगियों का नंबर होता है. उसी तरह क्लास रूम का नंबर R1, R6, R8, R15 से R22 तक दिया गया है.
शिक्षा रथ एक्सप्रेस का अलग-अलग क्लास रूम का नाम देश के महापुरुषों के नाम पर भी रखा गया है. छात्रों के लिए बने क्लासरूम का नाम स्वामी विवेकानंद सदन, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सदन, सुभाष चन्द्र बोस सदन, भगत सिंह सदन, तो छात्राओं के क्लास रूम का नाम लक्ष्मीबाई सदन, कल्पना चावला सदन, इंदिरा गांधी सदन दिया गया है.
दूसरी तरफ संकुल एक्सप्रेस को कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. विभूतिपुर प्रखंड के इस स्कूल की स्थापना सन 1920 में हुई थी. उस वक्त यहां क्लास 1 से क्लास 3 तक की पढ़ाई होती थी. 1945 में इसको अपग्रेड कर 5वीं क्लास तक कर दिया गया. उसके बाद 1960 में 7वीं क्लास और वर्ष 2008 में 8वीं क्लास तक की पढ़ाई शुरू हो गई.