बिहार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी अलग-अलग तरह से नामांकन करने पहुंच रहे हैं. कोई बैलगाड़ी पर, कोई ट्रैक्टर पर, कोई घोड़े पर... लेकिन हम जो आपको तस्वीर दिखाने जा रहे हैं वो RJD के प्रत्याशी और पूर्व सहकारिता मंत्री आलोक कुमार मेहता की है. मेहता साइकिल से उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन करने दलसिंहसराय अनुमंडल कार्यालय पहुंचे. जिसकी चर्चा पूरे इलाके में जोर-शोर से हो रही है. (इनपुट-जहांगीर आलम)
साइकिल चलाकर नामांकन करने के पीछे का मकसद उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के दलसिंहसराय में 32 नंबर रेलवे गुमती पर ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होना बताया जा रहा है. जब इस सिलसिले में राजद प्रत्याशी पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के दलसिंहसराय शहर के 32 नंबर रेलवे गुमती पर रोड फुट ओवरब्रिज का निर्माण होना सबसे बड़ा मुद्दा है.
2015 में जब मैं उजियारपुर विधानसभा से जीत कर गया. मंत्री बना तब मैंने सरकार से ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर प्रस्ताव दिलवाया. उजियारपुर के सांसद नित्यानंद राय पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कई बार वादे करने वाले लोग आजतक फुट ओवरब्रिज का निर्माण नही करा सके. इसी वजह से इसके विरोध में हम साइकिल चलाकर नामांकन करने पहुंचे हैं.
उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के अति व्यस्त कहे जाने वाले दलसिंहसराय शहर में 32 नंबर में रेलवे गुमती पर रोड ओवरब्रिज की मांग स्थानीय लोगों द्वारा कई वर्षों से उठाई जा रही है. कई राजनेताओं ने इसके बनने का आश्वासन भी दिया लेकिन कई दशक बीत जाने के बाद भी पुल नहीं बन पाया.
इसी को मुद्दा बनाकर विपक्ष के नेता आलोक कुमार मेहता ने साइकिल चलाकर नामांकन करने का फैसला लिया. राजद के प्रधान महासचिव और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय द्वारा महागठबंधन की सरकार बनने के बाद कश्मीर जैसे आतंकी हालात बनने जैसे विवादित बयान पर कहा कि गृह राज्यमंत्री को पहले खुद को देखना चाहिए.