बिहार के सीतामढ़ी ज़िले के सुरसंड थाना क्षेत्र के बाबा गरीबनाथ में दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध के बाद आम नागरिकों और व्यवसायियों ने विरोध प्रदर्शन किया. कुछ हिंसक ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जला दिए. गुरुवार को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगा दिया. नाराज लोगों ने पूछा कि जब चुनावी रैली को अनुमति है तो पूजा पंडालों को क्यों नहीं. पूजा पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी तो मतदान का बहिष्कार किया जाएगा. (इनपुट- केशव आनंद)
ग्रामीणों ने कहा कि दुर्गा पूजा नहीं होने देने के फैसले के खिलाफ गुरुवार को कर्फ्यू लगाकर नगर पंचायत के अपने तमाम प्रतिष्ठानों को बंद रखा. सरकार, प्रशासन और चुनाव आयोग के विरुद्ध नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया. ग्रामीणों और व्यवसायियों का कहना है कि कोरोना महामारी जैसे माहौल में विधानसभा चुनाव पर रोक नहीं लग सकती तो दुर्गा पूजा पर रोक क्यों?
नगर पंचायत सुरसंड की तमाम दुकानों पर पर्ची भी लगाईं गई है जिस पर पर लिखा हुआ है कि पूजा का विचार है, वोट का बहिष्कार है. चुनावी सभा पंडाल तो पूजा पंडाल क्यों नहीं? कोरोना तो बहाना है, धार्मिक अनुष्ठान पर निशाना है. दुर्गा पूजा नहीं तो वोट नहीं. इसी तरह के पर्चे नगर पंचायत की तमाम दुकानों पर चिपकाए गए हैं.
सोना चांदी व्यवसायी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि दुर्गा पूजा के लिए अनुमति नहीं दी गई है और चुनाव रैलियों को अनुमति है. नेता वोट मांग सकते हैं लेकिन आम आदमी दुर्गा पूजा नहीं कर सकता. इसलिए हमने नगर पंचायत मुख्यालय स्थित नेशनल हाईवे 104 के अंबेडकर टावर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया.