बिहार विधानसभा चुनाव 2020 का बिगुल बज चुका है. दो दिन बाद प्रथम चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है. एक ओर एनडीए जहां सीटों के बंटवारे की गुत्थी में उलझा हुआ है, तो वहीं बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव चुनावी मैदान में पूरी दम के साथ उतर चुके हैं. अब साफ ये भी हो रहा है कि तेज प्रताप यादव समस्तीपुर जिले की हसनपुर सीट से चुनाव मैदान में आ रहे हैं. (रिपोर्टः जहांगीर आलम)
हसनपुर सीट यादव बहुल है और समाजवादियों का गढ़ मानी जाती है. छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव ने बताया कि तेज प्रताप यादव हसनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. यहां का मुख्य मुद्दा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार है. उन्होंने बताया कि जब तेज प्रताप को विधानसभा चुनाव 2015 में महुआ की जनता ने चुना, तो वहां उन्होंने जो मेडिकल कॉलेज देने का वादा किया था, उसे पूरा किया.
उन्होंने कहा कि समस्तीपुर में हसनपुर सबसे सुदूर क्षेत्र है, जहां विकास की बहुत जरूरत है. यहां बाढ़ से लोग सबसे अधिक परेशान हैं, इसके कारण लोगों की जान चली जाती है. उन्होंने कहा कि हर प्रत्याशी को जिताने के लिए कार्यकर्ता खुद लालू प्रसाद यादव बनकर काम करेंगे. हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में राजद कार्यकर्ताओं ने घर-घर घूम कर तेजप्रताप यादव को जिताने की अपील शुरू कर दी है.
पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने वीडियो कॉल के जरिए वृद्ध महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अपने लिए आशीर्वाद मांगा और जल्द क्षेत्र में आने की बात कही. तेजप्रताप ने वृद्ध महिलाओं से पूछा कि उन्हें वृद्धा पेंशन मिल रही है कि नहीं. उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए वो हसनपुर से चुनाव लड़ने आ रहे हैं. तेज प्रताप ने लोगों से कहा कि राजद की सरकार बनी तो क्षेत्र में विकास की गंगा बहा देंगे.
बता दें कि तेजप्रताप यादव हसनपुर विधानसभा क्षेत्र का दो बार दौरा कर चुके हैं. अब उनकी छात्र विंग की टीम घर-घर जाकर तेजप्रताप के चुनाव लड़ने की बात बताने का काम कर रही है. हसनपुर विधानसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ माना जाता है. यादव मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है. यही कारण माना जा रहा है कि तेज प्रताप यादव ने यहां से चुनाव लड़ने का मन बनाया है.