चुनाव में जनता किसे वोट देगी इसका फैसला सिर्फ जनता ही करती है. जनता अपने मनपसंद उम्मीदवार को ही वोट देना चाहती है. ऐसा न होने पर विरोध शुरू हो जाता है. ऐसा ही एक मामला बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला हैं. जहां की जनता सुरेंद्र मेहता को बीजेपी प्रत्याशी घोषित करने की मांग कर रही है. (इनपुट- सौरभ कुमार)
बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी के रूप में नीतीश कुमार के गढ़ कहे जाने वाले तीन पंचायत के लोगों ने सुरेंद्र मेहता की मांग की है. साथ ही कहा है कि अगर सुरेंद्र मेहता को बीजेपी टिकट नहीं देती है और एनडीए का उम्मीदवार नहीं बनाती है तो दूसरे उम्मीदवार का विरोध किया जाएगा.
सुरेंद्र मेहता शुक्रवार को लाखों पंचायत पहुंचे. जहां लोगों से आशीर्वाद मांगा. सुरेंद्र मेहता ने कहा कि पार्टी ने उन्हें चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था. उन्हें उम्मीद है कि पार्टी उन्हें ही टिकट देगी, इसलिए वे चुनाव मैदान में लोगों से मिलकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कामों का प्रचार घर-घर जाकर कर रहे हैं.
सीएम नीतीश के पक्ष में यहां के वोटर
बेगूसराय विधानसभा का लाखों पंचायत, जगदीशपुर पंचायत और सूजा पंचायत के लगभग 20 हजार वोटर सीएम नीतीश के पक्ष में वोट देते हैं. ऐसे में यहां के लोग एनडीए के उम्मीदवार के रूप में बीजेपी के सुरेंद्र मेहता की मांग कर रहे हैं. बता दें कि सुरेंद्र मेहता 2010 में एनडीए प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी, वहीं 2015 में महागठबंधन के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार अमिता भूषण की जीत हुई थी.
उठने लगे बगावत के सुर
बेगूसराय जिले में जेडीयू ने उम्मीदवार घोषित कर दिया है. लेकिन भाजपा ने अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. एनडीए में तेघड़ा विधानसभा, बछवारा विधानसभा और बेगूसराय विधानसभा में बगावत के सुर उठने लगे हैं. बेगूसराय में जहां जेडीयू के कार्यकर्ता और बीजेपी उम्मीदवार के रूप में सुरेंद्र मेहता की मांग की जा रही है. वहीं, तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र में जेडीयू ने आरजेडी से आए विधायक विरेन्द्र महतो को जेडीयू का उम्मीदवार बनाया. इस पर बीजेपी कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है.