बिहार चुनाव में इस बार बाहुबली नेताओं ने भी अपनी किस्मत आजमाई. इस चुनाव में सभी पार्टियां सीधे तौर पर बाहुबलियों को टिकट देने से बचती नजर आई, लेकिन उनके परिजनों-रिश्तेदारों को टिकट जरूर दिए गए. जैसे- जेल में बंद पूर्व सासंद और बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी और बेटे टिकट दिया गया. रामा सिंह को टिकट न देकर उनकी पत्नी वीणा सिंह को टिकट दिया गया. आइए जानते हैं कि कौन सा बाहुबली जीता और किसका दम नहीं आया काम.
रणधीर सिंहः आरजेडी के सांसद रह चुके बाहुबली प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को इस बार राजद ने छपरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था. लेकिन वो जीत दर्ज नहीं कर सके. उन्हें 68939 वोट मिले. छपरा विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी डॉ. सीएन गुप्ता चुनाव जीते. उन्हें 75710 वोट मिले.
अनंत सिंहः मोकामा विधानसभा सीट से एक बार फिर बाहुबली अनंत सिंह ने जीत दर्ज की है. वो राजद के टिकट से इस बार चुनाव लड़ रहे थे. उन्हें 78721 वोट मिले. उन्होंने जदयू के राजीव लोचन नारायण सिंह को हराया. राजीव लोचन को 42964 वोट मिले.
चेतन आनंदः बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद ने राजद के टिकट पर शिवहर सीट से बड़ी जीत दर्ज की. उन्हें 73143 वोट मिले. उनके सामने जदयू प्रत्याशी कुछ ख़ास नहीं कर सके. बीजेपी प्रत्याशी मोहम्मद शरीफुद्दीन 36457 वोट ही हासिल कर सके. यहीं इस सीट पर तीसरे स्थान पर एलजेपी रही. इस पार्टी से विजय कुमार पांडे 18748 वोट हासिल कर सके.
लवली आनंदः सहरसा विधानसभा सीट से राजद प्रत्याशी लवली आनंद को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें बीजेपी के नेता आलोक रंजन ने हराया. आलोक रंजन को 103538 वोट मिले. जबकि लवली आनंद 83859 वोट हासिल कर सकीं.
रीतलाल यादवः राजद प्रत्याशी बाहुबली रीतलाल यादव ने दानापुर विधासनभा सीट से जीत दर्ज की. उन्हें 89895 वोट मिले. उन्होंने बीजेपी की प्रत्याशी आशा देवी को हराया. आशा देवी ने उन्हें कड़ी टक्कर दी. उन्हें 73971 वोट मिले.
वीणा सिंहः बाहुबली रामा सिंह की पत्नी वीणा सिंह आरजेडी के टिकट पर महनार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही थीं. वीणा सिंह को इस बार चुनाव में कुल 61,721 वोट मिले. इन्होंने जेडीयू के उमेश सिंह कुशावाहा को हराया. उमेश सिंह कुशवाहा को 53,774 वोट मिले.
राजबल्लभ यादवः नवादा से आरजेडी विधायक और बाहुबली राजबल्लभ यादव नाबालिग से रेप के मामले में जेल में हैं. पार्टी ने उनकी पत्नी विभा देवी को नवादा सीट से टिकट दे दिया. विभा देवी को इस सीट पर 72,435 वोट मिले. इन्होंने जेडीयू के कौशल यादव को हरा दिया. हालांकि निर्दलीय श्रवण कुमार दूसरे स्थान पर थे. श्रवण को 46,125 और कौशल को 34,567 वोट मिले थे.
अरुण यादवः आरजेडी के बाहुबलियों में एक हैं भोजपुर जिले के विधायक अरुण यादव. अरुण यादव नाबालिग से रेप मामले में फरार हैं. पार्टी ने उनकी पत्नी किरण देवी को टिकट दिया था. किरण देवी ने भोजपुर के संदेश सीट से जीत हासिल की. उन्हें 79,599 वोट मिले. दूसरे स्थान पर जेडीयू के विजयेंद्र यादव रहे, इन्हें 28992 वोट मिले.
मनोरमा देवीः मनोरमा देवी बाहुबली नेता बिंदी यादव की पत्नी हैं. इनका नाम तब उछला था जब कुछ साल पहले आदित्य सचदेव हत्याकांड हुआ था. मनोरमा देवी इस बार अतरी सीट से जेडीयू प्रत्याशी थीं. मनोरमा देवी चुनाव हार गईं. उन्हें आरजेडी के अजय यादव ने हराया. अजय को 62,658 वोट मिले, जबकि मनोरमा को 54,727 वोट मिले.
मुन्ना शुक्लाः विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला वैशाली की लालगंज सीट से करीब डेढ़ दशक तक विधायक रहे. इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला तो वो इसी सीट पर निर्दलीय लड़ गए लेकिन हार गए. इस सीट पर बीजेपी के संजय कुमार सिंह ने 70,750 वोटों से जीत हासिल की. मुन्ना शुक्ला को कुल 27,460 वोट के साथ तीसरे स्थान पर थे. कांग्रेस के राकेश कुमार 44451 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे.